कुमाऊं में अब ईंधन बचाओ की मुहिम परवान चढ़ने लगी है। ईंधन के वैश्विक संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक दिन पैदल चलने और सार्वजनिक या ई-वाहन का इस्तेमाल करने की पहल कर दी है।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता ने 15 मई को नो व्हीकल डे मनाने की अपील की है। शुक्रवार को सभी न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के अधिकारी, कर्मचारी और बार के सदस्य अपने कार्यालय साइकिल से या पैदल आएंगे। मुख्य न्यायाधीश ने सभी से ईंधन बचाने के इस प्रयास में योगदान देने का अनुरोध किया है। भवाली और हल्द्वानी जैसे दूरस्थ स्थानों से आने वाले बार के सदस्यों से वर्चुअल माध्यम से जुड़ने के लिए कहा गया है।
शनिवार को सार्वजनिक वाहनों से कार्यालय आएंगे परिवहन कर्मी
आरटीओ ने अपने संभाग के सभी कार्यालयों में प्रत्येक शनिवार को सार्वजनिक वाहनों से ऑफिस आने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही यदि ई-वाहन की उपलब्धता है तो संबंधित कर्मी इसका प्रयोग करेंगे। आरटीओ डॉ. गुरदेव सिंह ने कहा कि अधिकारी एवं कार्मिक इस व्यवस्था को केवल औपचारिकता न मानते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में ग्रहण करेंगे।
चारपहिया वाहन छोड़कर बाइक पर निकले एसएसपी
ईंधन बचाने के लिए एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने सरकारी बुलेट से सवारी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को वह अपने गनर के साथ बुलेट से ही निकले। एसएसपी ने कहा कि पुलिस विभाग के ऑफिशियल स्टाफ को ई-वाहन की उपलब्धता पर उससे ही यात्रा करने के लिए कहा है।








