उत्तरप्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में एक कानून बनाकर 1 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2021 के बीच के लाखों लंबित यातायात मामलों को स्वतः समाप्त कर दिया। सरकार का उद्देश्य पुराने मामलों का बोझ कम करना था। सड़क सुरक्षा कार्यकर्ताओं ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की, क्योंकि बिना जुर्माना और सुनवाई के मामले समाप्त करना गलत संदेश देता है। वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने 14 मई 2024 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।









