केदारनाथ धाम इस समय बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है। और बेहद खूबसूरत नजारा यहां का दिख रहा है। लेकिन इसका असर यात्रा से पहले की तैयारियों की गति पर पड़ा है। रुद्रप्रयाग प्रशासन रास्तों को साफ़ करने और सेवाओं को सुचारू बनाने के लिए प्रयास कर रहा है, ताकि यात्रा शुरू होने पर तीर्थयात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
केदारनाथ धाम यात्रा तैयारियां अंतिम चरण में: जिलाधिकारी
केदारनाथ धाम की यात्रा 22 अप्रैल से शुरू होने होगी। इसके लिए प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। यात्रा व्यवस्थाओं की तैयारी को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने शुक्रवार को रुद्रा कामप्लेक्स में सयुक्त पत्रकार वार्ता की। जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक 4 लाख 73 हजार 168 श्रद्धालु केदारनाथ के लिए पंजीकरण कर चुके हैं।
सोनप्रयाग में पंजीकरण केंद्र पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुलभ संस्था के 245 और नगर निकायों के 200 से अधिक पर्यावरण मित्र तैनात किए गए हैं। कूड़ा प्रबंधन, शौचालय और साफ-सफाई पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आवास व्यवस्था के तहत करीब 50 प्रतिशत होटल पहले ही बुक हो चुके हैं। हेली सेवाओं के लिए गुप्तकाशी और शेरसी से 2-2 तथा फाटा से 4 सेवाएं संचालित होंगी।
सड़क और यातायात को लेकर सिरोहबगड़ से गौरीकुंड तक मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, पेयजल, बिजली और संचार व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है। इस साल वीडियो और रील बनाना भी मंदिर परिसर क्षेत्र में प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा प्रशासन का लक्ष्य इस बार की यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाना है।
उधर, पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यात्रा के लिए 3 सुपर जोन, 17 जोन और 47 सेक्टर बनाए गए हैं। मोबाइल पेट्रोलिंग, बैरिकेडिंग, शटल सेवा और पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है ताकि जाम की समस्या न हो। सुरक्षा के तहत बाहरी लोगों का सत्यापन अभियान जारी है और अवैध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। अवैध शराब पर रोक पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। साइबर ठगी रोकने के लिए 300 से अधिक फर्जी वेबसाइट और पेज बंद कराए जा चुके हैं।
केदारनाथ : थारू कैंप के पास टूटा ग्लेशियर, पैदल मार्ग बाधित
केदारनाथ पैदल मार्ग पर बड़ी लिनचोली के पास अचानक थारू कैंप के पास ग्लेशियर टूट गया जिससे पैदल मार्ग का एक हिस्सा आंशिक रूप से बंद हो गया। हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे की है। बड़ी लिनचोली की चढ़ाई पर ग्लेशियर टूटने से पैदल मार्ग बंद हो गया। फिलहाल बर्फ को हटाने का काम किया जा रहा है। तैयारियों में लगे मजदूरों और कर्मचारियों को बर्फ के कारण आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि डीडीएमए की टीमें मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के लिए जुटी हुई हैं।
उधर, घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग तत्काल मौके पर पहुंचे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है। मौके पर तैनात टीमें श्रमिकों और उपकरणों के साथ मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने में जुटी हुई हैं।






