सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन, विशाल भंडारे में संत-समाज की गरिमामयी उपस्थिति
रामघाट स्थित रावत मंदिर में गुरु परंपरा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वर्तमान महंत बालक दास ने पूज्य श्री श्री 1008 महंत राम दास रामायणी जी की 16वीं पुण्यतिथि को श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ मनाया। इस अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ, जिसे श्रद्धांजलि सभा के रूप में विशेष रूप से मनाया गया।
मंदिर परिसर में बीते सात दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का रसपान दूर-दराज़ से आए श्रद्धालुओं ने किया। कथा का वाचन भागवत आचार्य कथा व्यास रामनारायण दास जी के मुखारविंद से हुआ, जिसमें भक्तों ने बड़ी संख्या में सहभागिता निभाई।
महंत बालक दास ने बताया कि रावत मंदिर की परंपरा से गोरखपुर मंडल सहित कई जनपदों के श्रद्धालु वर्षों से जुड़े हुए हैं। पूज्य महाराज जी के शिष्यगण भी दूर-दूर से पहुंचकर इस पुण्य अवसर पर शामिल हुए और पूरे सप्ताह कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अयोध्या के प्रमुख संत-महंतों ने पूज्य महंत राम दास रामायणी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। संतों ने उनके जीवन, त्याग, तपस्या और धर्म सेवा को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर महंत बालक दास के नेतृत्व में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें अयोध्या के साधु-संतों और श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद वितरित किया गया। सभी संतों को सम्मानपूर्वक दक्षिणा देकर विदाई दी गई।
पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और परंपरा का अद्वितीय संगम देखने को मिला, जिसने एक बार फिर रावत मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा को उजागर किया।







