साइबर ठगी- ED व दिल्ली पुलिस का नाम बताकर ठगों ने रिटायर बुजुर्ग को किया परेशान, डिजिटल अरेस्ट करके 36 लाख ठगे

Spread the love

राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र स्थित बागमुगालिया में रहने वाले 85 वर्षीय बुजुर्ग को सात दिन तक कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट रखकर जालसाजों ने 36 लाख रुपये की ठगी की है। बुजुर्ग मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज से रिटायर हैं और भोपाल में रहते हैं। बुजुर्ग इंजीनियर के साथ ठगी की यह घटना वर्ष 2025 में 13 से 19 नवंबर के बीच हुई है।

जालसाजों ने उन्हें फोन कर कहा कि मैं दिल्ली पुलिस का अधिकारी बोल रहा हूं, आपके मोबाइल नंबर का अवैध रूप से देशविरोधी गतिविधियों में उपयोग हो रहा है। इसके बाद दूसरा जालसाज भारतीय दूरसंचार विभाग का अधिकारी बनकर बात की और दोनों मोबाइल नंबर बंद करने की धमकी दी। इसके बाद तीसरे जालसाज ने अलग नंबर से फोन किया और खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाया।

 

इसके बाद जालसाज उन्हें देशविरोधी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग के केस में बाकी बची जिंदगी जेल में गुजरने की धमकी देने लगे। जालसाजों ने उन्हें बिना किसी को बताए 13 से 19 नवंबर 2025 तक डिजिटल अरेस्ट रखा और एक खाते में 20 लाख तथा दूसरे खाते में 16 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

जालसाजों ने कहा कि जांच के बाद यदि आपने कोई अपराध नहीं किया तो पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा। 36 लाख रुपये ट्रांसफर कराने के बाद जालसाजों ने उनका फोन रिसीव करना बंद कर दिया। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने 21 नवंबर को भोपाल क्राइम ब्रांच में शिकायत की। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने शिकायत की जांच कर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।

और पढ़े  त्विषा शर्मा केस: जेल में गिरिबाला-समर्थ ने कढ़ी खाकर गुजारी पहली रात, दोपहर को खाई करेले की सब्जी

 

वाट्सएप कॉल कर बनाया था डिजिटल अरेस्ट
पीड़ित बुजुर्ग ने क्राइम ब्रांच को बताया कि जालसाजों ने एक मोबाइल नंबर डिएक्टिवेट कराने पर दूसरा भी बंद करने की धमकी देकर उन्हें चुप कराया था। इसके बाद वे व्हाट्सएप कॉल पर ही बात करते थे। जालसाजों में से एक ने खुद को दिल्ली के दरियागंज पुलिस थाने का अधिकारी बताकर भी बात की थी। एक जालसाज ने खुद को ईडी की अधिकारी निशा पटेल बताते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आपके बैंक अकाउंट एवं एफडी की जांच की जा रही है। सहयोग करें, नहीं तो गिरफ्तारी की जाएगी। जांच पूरी होने तक घर पर ही रहें और घटना की किसी को जानकारी न दें।

वसूली नहीं होने पर घर कुर्क करने की धमकी भी दी
क्राइम ब्रांच ने बताया कि जालसाजों ने फरियादी को धमकाया था कि यदि आप अभी राशि ट्रांसफर नहीं करते, तो रकम की वसूली के लिए कोर्ट के आदेश पर आपके घर को सीज कर कुर्क किया जाएगा। घर कुर्क होने और बेघर होने तथा पड़ोस में बदनामी के डर से बुजुर्ग इंजीनियर जालसाजों के झांसे में फंसते चले गए।

 

भांजे ने कमरे में बंद देखा, तब मामला खुला
एडीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि 19 नवंबर 2025 को पीड़ित बुजुर्ग को कई दिनों से कमरे में अकेले रहते देख उनका भांजा चुपके से कमरे के बाहर पहुंचा। भांजे ने देखा कि वे व्हाट्सएप कॉल पर किसी से धीरे-धीरे बात कर रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी दे रहे थे। इसके बाद भांजे को अनहोनी का शक हुआ और उसने पूछताछ की, लेकिन वे कुछ भी बताने को तैयार नहीं थे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

और पढ़े  त्विषा शर्मा केस- 2 घंटे चला री-क्रिएशन, CBI के सामने गिरिबाला-समर्थ ने उतारा त्विषा का 80 किलो वजनी डमी शव

पुलिस जब मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई, तो पता चला कि बुजुर्ग 36 लाख रुपये दे चुके हैं। इसके बाद उनकी शिकायत पर जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया गया है। जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, वे फर्जी दस्तावेजों से खोले गए थे। असली जालसाजों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।


Spread the love
  • Related Posts

    त्विषा शर्मा केस: जेल में गिरिबाला-समर्थ ने कढ़ी खाकर गुजारी पहली रात, दोपहर को खाई करेले की सब्जी

    Spread the love

    Spread the loveराजधानी भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में दहेज हत्या के आरोप में केंद्रीय जेल में बंद त्विषा की सास, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश…


    Spread the love

    त्विषा केस- गिरिबाला-समर्थ हुए कोर्ट में पेश, सीबीआई ने नहीं मांगी रिमांड, साक्ष्य गायब होने पर उठे सवाल

    Spread the love

    Spread the loveचर्चित त्विषा शर्मा मृत्यु प्रकरण की जांच में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले में गिरफ्तार पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और…


    Spread the love