होर्मुज के पास भटके 200 जहाज, ईरान युद्ध की सिग्नल जैमिंग से वैश्विक ऊर्जा बाजार चिंता में…

Spread the love

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक- होर्मुज जलडमरूमध्य- अचानक एक रहस्यमयी ‘ब्लाइंड स्पॉट’ बन गया है। अमेरिका और इस्राइल के ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच, इस क्षेत्र में भारी इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल जैमिंग देखी जा रही है। हालात यह हैं कि जहाजों के नेविगेशन सिस्टम काम करना बंद कर चुके हैं और दुनिया की कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह चरमरा गई है।

 

आखिर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर क्या हो रहा है और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ रहा है। आइए समझते हैं।

सवाल: होर्मुज जलडमरूमध्य के पास व्यापारिक जहाजों के साथ क्या अजीब घटना घट रही है?
जवाब: 
ब्लूमबर्ग द्वारा जुटाए गए ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, होर्मुज के पास जहाजों के कम से कम एक दर्जन क्लस्टर (समूह) दिखाई दिए हैं, जिनमें से कुछ समूहों में 200 से अधिक जहाज तक शामिल हैं। ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स पर ये जहाज अजीबोगरीब आकृतियां बनाते दिख रहे हैं; उदाहरण के लिए, अबू धाबी के पास जहाजों का एक गोलाकार समूह दिखा है, तो वहीं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रुवाइस के तट पर एक उल्टा ‘Z’ आकार बना हुआ है। ओमान की खाड़ी में भी कई जहाजों का समूह है, जो शायद तनाव कम होने या लोडिंग की स्पष्ट तारीखें मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

सवाल: इन अजीबोगरीब ट्रैकिंग आंकड़ों और ‘सिग्नल जैमिंग’ की असली वजह क्या है?
जवाब: 
भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के समय सेनाएं अक्सर ‘इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर’ का सहारा लेती हैं। इसी कारण इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के जरिए जहाजों के नेविगेशन सिस्टम में बाधा डाली जा रही है। स्टारबोर्ड मैरीटाइम इंटेलिजेंस के विश्लेषक मार्क डगलस के अनुसार, स्थिति इतनी ‘अभेद्य (impenetrable)’ हो गई है कि ट्रैकिंग डेटा के जरिए किसी भी जहाज का सटीक स्थान बता पाना लगभग असंभव है। कोई भी जहाज नेविगेशन के लिए जीपीएस पर भरोसा नहीं कर सकता। जैमिंग से जहाजों की स्पीड भी गलत दर्ज हो रही है; जैसे 16 नॉट्स की अधिकतम स्पीड वाला ‘एस्प्रौडा’ प्रोडक्ट टैंकर ट्रैकिंग में 102.2 नॉट्स (लगभग 190 किमी/घंटा) की असंभव गति से चलता हुआ दिखाई दिया।

सवाल: इस रुकावट से ग्लोबल एनर्जी मार्केट (कच्चे तेल) पर क्या असर पड़ा है?
जवाब: 
इस अहम मार्ग के प्रभावी रूप से बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अव्यवस्था फैल गई है। फारस की खाड़ी के तेल उत्पादकों के पास स्टोरेज क्षमता खत्म हो रही है, जिसके चलते उन्हें अपना उत्पादन रोकना पड़ रहा है। इस सप्लाई संकट के कारण ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत शुरुआत में उछलकर 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थी। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध के जल्द समाप्त होने के संकेत देने के बाद मंगलवार को अनुबंधों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

सवाल: स्थिति कितनी गंभीर है और अमेरिका का इस पर क्या रुख है?
जवाब:
 मैरीटाइम-इंटेलिजेंस फर्म विंडवार्ड के मुताबिक, जैमिंग युद्ध शुरू होते ही शुरू हो गई थी और इसने फारस की खाड़ी में 1,100 से अधिक जहाजों को प्रभावित किया है। ट्रैफिक में भारी गिरावट आई है; 26 फरवरी को होर्मुज से 120 जहाजों ने क्रॉसिंग की थी, जो 4 मार्च को घटकर मात्र पांच रह गई। इस संकट से निपटने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने समुद्री यातायात को फिर से शुरू करने के लिए जहाजों को अमेरिकी बीमा और नौसेना एस्कॉर्ट देने की संभावना जताई है। ट्रंप ने सीबीएस को यह भी बताया कि वह इसे ‘टेकओवर’ करने के बारे में भी सोच रहे हैं, हालांकि अभी कोई स्पष्ट एक्शन प्लान सामने नहीं आया है।

और पढ़े  Bomb: बीकानेर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल से अलर्ट होते ही मचा हड़कंप

होर्मुज में जारी इस नेविगेशन और सुरक्षा संकट ने शिप ओनर्स और कारोबारियों की चिंताएं कई गुना बढ़ा दी हैं, क्योंकि युद्ध के खतरे से जुड़े बीमा प्रीमियम लगातार आसमान छू रहे हैं। जब तक इलेक्ट्रॉनिक ‘सिग्नल जैमिंग’ बंद नहीं होती और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और तेल की कीमतों पर अनिश्चितता का भारी दबाव बना रहेगा।


Spread the love
  • Related Posts

    महिला की हत्या: पति ने पत्नी पर कुल्हाड़ी किए वार, हत्यारोपी ने ट्रेन से कटकर की आत्महत्या

    Spread the love

    Spread the loveचरखी दादरी के रावलधी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक पति ने अपनी पत्नी को कुल्हाड़ी से कई…


    Spread the love

    SC- 32 वर्षीय मरीज को अदालत से मिली निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति, 12 साल से है कोमा में

    Spread the love

    Spread the love32 वर्षीय मरीज को अदालत से मिली निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति, 12 साल से कोमा में है शख्स.. Spread the loveऔर पढ़े   नेपाल चुनाव 2026: नेपाल के आम…


    Spread the love