जानकारी के मुताबिक सुद्धोवाला जेल में वर्तमान में करीब 900 कैदी हैं। इन कैदियों को 32 बैरकों में रखा जाता है। इस हिसाब से एक बैरक में 25 से 30 कैदी रह रहे हैं। कुल कैदियों में से जो कैदी एचआईवी पॉजिटिव हैं। उनका एआरटी सेंटर में उपचार चल रहा है। जेल डॉक्टर के अनुसार एचआईवी पॉजिटिव कैदियों को जेल मैनुअल का अनुपालन करते हुए रखा जा रहा है। इसके तहत उन कैदियों को अन्य कैदियों के साथ तो रखा जा रहा है, लेकिन उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उनके खाने-पीने समेत तमाम गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा इन कैदियों के बाल और नाखून काटने की किटों को अलग किया गया है। जेल प्रशासन की ओर से यह निर्णय एचआईवी संक्रमण की रोकथाम के लिए लिया गया है। चिकित्सक के मुताबिक एचआईपी पीड़ित कैदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
दोगुनी की जा रही बैरकों की संख्या
सुद्धोवाला जेल में इस समय सिर्फ 32 बैरक ही हैं। लिहाजा कैदियों की संख्या काफी अधिक है। कई कैदियों के एक साथ रहने से एचआईवी संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए बैरिक की संख्या दो गुनी की जा रही है। इसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक दो महीने के अंदर ही बैरकों का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।