अयोध्या: गणतंत्र दिवस पर वरिष्ठ समाजसेवी सुशील चतुर्वेदी ने फहराया तिरंगा, राष्ट्रसेवा को बताया सच्ची देशभक्ति

Spread the love

 देश के 76वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर अयोध्या में देशभक्ति, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला। वरिष्ठ समाजसेवी सुशील चतुर्वेदी ने आज अपने कार्यालय परिसर में पूरे विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण कर राष्ट्र के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और जिम्मेदारी का परिचय दिया। तिरंगा फहराते ही वातावरण “भारत माता की जय” और “जय हिंद” के नारों से गूंज उठा। ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सुशील चतुर्वेदी ने कहा कि “हम किसी भी स्थान पर हों, किसी भी हालात में हों, लेकिन अपने देश के सम्मान और राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा को बनाए रखना हर भारतीय का प्रथम कर्तव्य है। तिरंगा हमारी पहचान, हमारी एकता और हमारे स्वाभिमान का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि देश की सेवा केवल शब्दों या भाषणों से नहीं, बल्कि धरातल पर किए गए कार्यों से होती है। गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों की सेवा ही सच्ची राष्ट्रसेवा है। उन्होंने दोहराया कि “जिस कदर और जिस रूप में मुझे सेवा का अवसर मिलेगा, मैं हर बार सबसे आगे खड़ा रहूंगा।” वरिष्ठ समाजसेवी सुशील चतुर्वेदी ने बताया कि उन्हें अयोध्या के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सेवा संस्थानों के माध्यम से कड़ाके की ठंड में कंबल वितरण, 14 कोसी परिक्रमा के दौरान भाव-भंडार, तथा अन्य अनेक सेवा गतिविधियों में निरंतर सहभागिता करने का सौभाग्य प्राप्त होता रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे सेवा कार्य न केवल समाज को मजबूती देते हैं, बल्कि मनुष्य की आत्मा को सच्चा संतोष और शांति प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेवा की भावना ही समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाती है। जब हम दूसरों के दुःख को अपना समझते हैं, तभी राष्ट्र मजबूत बनता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशा, नकारात्मक सोच और स्वार्थ से दूर रहकर सेवा, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण की राह पर आगे बढ़ें। गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर पूरी अयोध्या नगरी देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर ध्वजारोहण, प्रभात फेरियां, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। बच्चों की जुबान पर “वंदे मातरम्” और “जन गण मन” की गूंज सुनाई दी, जिससे सम्पूर्ण वातावरण राष्ट्रप्रेम से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों, युवाओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। सभी ने संविधान के प्रति निष्ठा, लोकतंत्र की रक्षा और देश की एकता-अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया। अंत में सुशील चतुर्वेदी ने कहा कि 26 जनवरी हमें हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है, और जब तक प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन नहीं करेगा, तब तक सशक्त भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता

और पढ़े  UP में नकली दवाओं का बड़ा खेल, रद्द लाइसेंस पर भी चल रहा करोड़ों का कारोबार, लखनऊ से गोरखपुर तक फैला जाल

Spread the love
  • Related Posts

    अयोध्या- उज्जैनिया पट्टी के श्रीमहंत बनने के बाद महंत संदीप दास महाराज की पहली गुरु पूर्णिमा

    Spread the love

    Spread the love      गुरु-शिष्य परंपरा के महापर्व गुरु पूर्णिमा पर धर्मनगरी अयोध्या आज पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगी। इस वर्ष का गुरु पूर्णिमा महोत्सव विशेष रूप…


    Spread the love

    गोरखपुर: गुरु पूर्णिमा पर गोरखनाथ मंदिर पहुंचे महंत हेमंत दास, सीएम योगी से भेंट कर अर्पित की हनुमान जी की प्रतिमा

    Spread the love

    Spread the love      गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर अयोध्या की पवित्र संत परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हुए श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर एवं श्री हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी महंत…


    Spread the love