बीते कुछ वक्त से सोना और चांदी नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। मौजूदा समय में सोना बीते सारे रिकॉर्ड तोड़ चुका है और 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर तक पहुंच चुका है। माना जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर जब तक स्थितियां स्थिर नहीं होतीं, तब तक निवेशकों का इस धातु पर विश्वास बना रहेगा और अधिक मांग की वजह से इसकी कीमतों में उछाल भी जारी रहेगा।
ऐसे में यह जानना अहम है कि सोना इतनी अहमियत क्यों रखता है? इसका इतिहास क्या है? इसकी कीमत बाकी अहम धातुओं- तांबा, जस्ता, चांदी से इतनी ज्यादा क्यों है? यहां कहां से आता है? इसकी कीमतें क्यों और कैसे लगातार बढ़ती रहीं? हालिया दिनों में सोने के भाव किस तेजी से बढ़े हैं और इसकी वजह क्या रही? आइये …
सोने का इतिहास क्या है?
पृथ्वी 13.8 अरब साल पहले अस्तित्व में आई थी। पर इस पर मौजूद सोने का हर एक परमाणु हमारे ग्रह के अस्तित्व में आने से बहुत पहले बना था। अध्ययन के मुताबिक, सोने का निर्माण मरते हुए तारों (सुपरनोवा) या न्यूट्रॉन सितारों की भीषण टक्कर के दौरान होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं से हुआ था। पृथ्वी के प्रारंभिक पिघले हुए स्वरूप के दौरान, अधिकतर सोना इसके केंद्र (कोर) में समा गया, लेकिन लगभग 4 अरब साल पहले क्षुद्रग्रहों की टक्कर के माध्यम से यह फिर से पृथ्वी की ऊपरी परत तक पहुंचा।







