धर्मनगरी अयोध्या में भक्ति और अध्यात्म की अविरल धारा प्रवाहित करते हुए ‘श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ’ का भव्य शुभारंभ बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। अयोध्या तीर्थ पुरोहित धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश महाराज के नेतृत्व में निकाली गई इस विशाल यात्रा में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। सरयू तट से दिगंबर अखाड़े तक भक्ति का सैलाब कलश यात्रा प्रातः 8:00 बजे दिगंबर अखाड़ा से गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और फूलों से सजी भव्य बग्घियों के साथ रवाना हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण कर, सिर पर मंगल कलश लिए भक्ति संगीत पर झूमती नजर आईं। सरयू तट पर विधि-विधान से पूजन और जल भरने के उपरांत यात्रा पुनः दिगंबर अखाड़ा वापस आई। पूरा मार्ग जय श्री राम और श्रीमद् भागवत भगवान की जय के उद्घोष से गूँज उठा। सनातन धर्म की जड़ें हैं गहरी राजेश महाराज कलश यात्रा की अगुवाई कर रहे राजेश महाराज ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अयोध्या की पावन धरती पर भागवत कथा का आयोजन जनमानस के कल्याण और भक्ति भाव के प्रसार के लिए है। उन्होंने कहा, कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रतीक है कि सनातन धर्म की जड़ें अत्यंत गहरी हैं। यह कथा क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करेगी। संतों और गणमान्य जनों की उपस्थिति इस भव्य आयोजन में अयोध्या के प्रमुख संत-महंतों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। मौके पर मुख्य रूप से कालिका नन्द महाराज, प्रदीप महाराज, और तीर्थ पुरोहित समाज के अध्यक्ष ओम प्रकाश पाण्डेय सहित भारी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु मौजूद रहे। यहाँ होगी कथा ।आयोजन समिति के अनुसार, कथा का मुख्य कार्यक्रम ‘कृष्णा इं एंड साउंड सर्विस (कृष्णा बैटरी), लाल कोठी, अयोध्या’ के प्रांगण में संपन्न होगा। श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन सायंकाल 5:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक चलेगी, जिसमें विद्वान कथावाचकों द्वारा भगवान की दिव्य लीलाओं का रसपान कराया जाएगा।







