लालकुआँ -स्टोन क्रेशर की अंधेरगर्दी,एक परिवार के चिराग को हमेशा हमेशा के लिए बुझा दिया।

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पूस की रात की तरह एक गरीब परिवार को सोमवार की सुबह उनके मासूम को खोने का लंबा दर्द दे गई। लालकुआं क्षेत्र में स्टोन क्रेशर की अंधेरगर्दी और जनप्रतिनिधियों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारियों की काहिली ने एक परिवार के चिराग को हमेशा हमेशा के लिए बुझा दिया।
बताते चले कि आज सोमवार की सुबह लालकुआँ के गोरापड़ाव स्थित हाथीखाल क्षेत्र में स्टोन क्रशर के सामने स्कूल जा रहे सात साल के मासूम को 18 टायर वाले ट्रक ने कुचल दिया। मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर पहले बच्चे को स्कूल के लिए विदा करने वाले परिवार को जब इस हादसे का पता चला तो मानो कलेजा फट पड़ा। परिजनों में चीख पुकार मच गई।
वही सूचना मिली तो आक्रोशित ग्रामीणों ने लालकुआं स्टोन क्रशर के गेट के सामने नाराजगी जताते हुए धरना प्रदर्शन किया। लेकिन मनमानी की आदत वाले स्टोन क्रेशर की सेहत पर कुछ फर्क नहीं पड़ा।यानी गौला नदी खनन से करोड़ों के वारे न्यारे करने वाले स्टोन क्रेशर प्रबंधन से इतना नहीं बन पड़ा कि वो खस्ताहाल सड़क को सुधार दे। दरअसल, स्टोन क्रेशर की निगाहें भी निकम्मे प्रशासन और क्षेत्र के सोए हुए जनप्रतिनिधियों की तरफ ही लगी थी कि ये सड़क अकेले उसकी थोड़ी ही है।

इधर जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह हाथीखाल निवासी राधेश्याम कश्यप अपने सात साल के मासूम बेटे अरविंद को लेकर गोरापड़ाव स्थित लालकुआं स्टोन क्रशर के सामने से स्कूल के लिए जा रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहा 18 टायर वाला ट्रक मुख्य द्वार के समीप सड़क पर बने गड्डे की चपेट में आ गया। ट्रक का संतुलन बिगड़ा और ट्रक का टायर बच्चे के ऊपर आ गया।
हादसे में मासूम अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। आननफानन में बेबस पिता राधेश्याम लहूलुहान बच्चे को लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल दौड़े लेकिन वहां डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। यानी बेलगाम स्टोन क्रेशर और सोए हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की वजह से एक परिवार की खुशियां हमेशा हमेशा के लिए दूर हो गई।
सोचिए क्या बीत रही होगी उस परिवार पर जिसने अपने हंसते खेलते मासूम का भविष्य बनाने के लिए उसे स्कूल भेजा था। घटना के बाद गुस्साए क्षेत्र के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने खस्ताहाल सड़क बनाने और मृतक परिवार को मुआवजा देने की मांग की मांग को लेकर धरने में बैठ गईं।धरने में बैठी महिलाओं का कहना था कि लालकुआं स्टोन क्रशर से बड़ी संख्या में डंपर इस सड़क में चलते हैं। जिसके कारण सड़क पूरी तरह खस्ताहाल हो गई है। लेकिन आज दिन तक तक सड़क सुधारने की सुध किसी ने नहीं ली है। क्षेत्रीय विधायक से लेकर प्रशासनिक अधिकारी सोए रहे और आज एक मासूम की दर्दनाक मौत हो गई।हर बार की तरह आम आदमी के गुस्से को शांत कराने पुलिस भी मौके पर पहुंची। जब स्थिति नहीं संभली तो बाद में एसडीएम परितोष वर्मा ने भी मौके पर पहुंचने की जहमत उठाई।

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बाद में किसी तरह एसडीएम के दोनों मांगों को पूरा करने में आश्वासन पर महिलाएं और ग्रामीण शांत हुए। लेकिन जिस घर ने जिस परिवार ने अपने मासूम को खोया वहां मातम पसर रहा। परिजन चीख पुकार और आंसुओं से भीगे नजर आए।

 


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