अयोध्या:- भविष्य के विधायक प्रादीपदा कंद के नेतृत्व में पुणे से 3 हजार श्रद्धालु पहुंचे अयोध्या।

Spread the love

 

 

अयोध्या ‘मेवा दिव्य काशी, भव्य काशी संकल्प यात्रा’ ने दिया एकता, भक्ति और संस्कृति का संदेश
नातन संस्कृति, भक्ति और राष्ट्रभाव के उत्थान के उद्देश्य से शुरू की गई ‘मेवा दिव्य काशी, भव्य काशी संकल्प यात्रा’ का अयोध्या में भव्य स्वागत हुआ।इस यात्रा में पुणे से लगभग तीन हजार श्रद्धालु भक्तजन शामिल हुए, जिन्होंने काशी विश्वनाथ और अयोध्या विश्वनाथ के दर्शन किए।पूरी यात्रा का नेतृत्व भविष्य के विधायक मा. प्रादीपदा कंद ने किया, जिन्होंने इस संकल्प यात्रा को एक आध्यात्मिक आंदोलन का रूप दे दिया।

मा. प्रादीपदा कंद: भक्ति, नेतृत्व और समाजसेवा का संगम मा. प्रादीपदा कंद, (जिन्हें जनता भविष्य का विधायक मान रही है), ने इस यात्रा की शुरुआत पुण्यभूमि काशी से की थी।उन्होंने न केवल यात्रा का आयोजन किया, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु के साथ स्वयं शामिल होकर सेवा और अनुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया।उनकी प्रेरणा, संगठन क्षमता और धर्मनिष्ठा के कारण यह यात्रा हजारों लोगों के लिए श्रद्धा, सेवा और राष्ट्रीय एकता का संदेशवाहक बन गई।

मा. कंद ने कहा, काशी और अयोध्या हमारी आस्था के दो आधारस्तंभ हैं। यह यात्रा केवल दर्शन नहीं, बल्कि एक ऐसी साधना है जिसमें हर हृदय में भगवान का निवास और हर मन में राष्ट्र के प्रति समर्पण जागृत होता है।”अयोध्या में हुआ भव्य स्वागत जय श्रीराम और हर हर महादेव के उद्घोष से गूंजी रामनगरीशनिवार को जब पुणे से आए श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे, तो पूरी रामनगरी का वातावरण भक्तिमय हो गया।हर चौराहे पर पुष्पवर्षा, जयघोष और स्वागत गीतों से माहौल अलौकिक बन गया।

और पढ़े  बरेली- दो दिन नो व्हीकल डे: डीएम पैदल दफ्तर जाएंगे, समाधान दिवस में ई-बस से पहुंचेंगे अफसर

रामपथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और प्रभु श्रीरामलला के चरणों में आरती उतारी।स्थानीय लोगों ने भी पुणे से आए श्रद्धालुओं का तिलक और आरती से स्वागत किया।हर ओर “जय श्रीराम” और “हर हर महादेव” के उद्घोष से रामनगरी गूंज उठी। संस्कृति और राष्ट्र के पुनर्जागरण का संदेशअयोध्या आगमन के उपलक्ष्य में “भव्य संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें धर्माचार्यों, संतों और समाजसेवकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का विषय था “मेवा दिव्य काशी, भव्य काशी — एक संस्कृति, एक संकल्प”।कार्यक्रम में भविष्य के विधायक मा. प्रादीपदा कंद ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा —भारत की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है। काशी और अयोध्या के इस दिव्य संगम से हम आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाना चाहते हैं कि धर्म केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा है। जब समाज धर्म और सेवा के मार्ग पर चलता है, तो राष्ट्र स्वतः महान बनता है।”उन्होंने यह भी कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य हर नागरिक को अपने धर्म, परंपरा और समाजसेवा से जोड़ना है ताकि भारत फिर से “विश्वगुरु” के रूप में प्रतिष्ठित हो सके। तीन हजार श्रद्धालुओं का अनुशासन और भक्ति बनी मिसालपूरी यात्रा में तीन हजार श्रद्धालुओं ने अनुशासन, श्रद्धा और संगठन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।हर पड़ाव पर सामूहिक भजन, आरती, हवन और सत्संग आयोजित हुए।

श्रद्धालुओं ने एक स्वर में “जय श्रीराम” और “हर हर महादेव” का उद्घोष करते हुए यात्रा को भक्ति के रंग में रंग दिया।कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यह उनके जीवन की सबसे पवित्र और प्रेरणादायक यात्रा रही।किरण संपत सकोरे मित्र परिवार और युवा मंच का सहयोगइस यात्रा के सफल आयोजन में मा. प्रादीपदा कंद युवा मंच पेज और किरण संपत सकोरे मित्र परिवार की अहम भूमिका रही।दोनों संगठनों ने व्यवस्थाओं, सुरक्षा और सेवा कार्यों में उत्कृष्ट समन्वय किया।यात्रा के दौरान भोजन, आवास, चिकित्सा और धार्मिक कार्यक्रमों की सुंदर व्यवस्था की गई, जिससे सभी श्रद्धालु अत्यंत संतुष्ट रहे।यात्रा बनी संस्कृति, एकता और राष्ट्रभाव की मिसालकाशी से अयोध्या तक की यह यात्रा केवल तीर्थदर्शन का माध्यम नहीं रही, बल्कि राष्ट्र एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन गई।

और पढ़े  Weather: भीषण गर्मी की चपेट में प्रदेश के कई इलाके, आज से और चढ़ेगा पारा, 33 जिलों में लू चलने की चेतावनी

भविष्य के विधायक मा. प्रादीपदा कंद के नेतृत्व ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाजसेवा, धर्म और संगठन एक साथ चलते हैं,तो यात्रा आंदोलन बन जाती है और आस्था एक उत्सव का रूप ले लेती है।जनता की आवाज — “ऐसे नेता ही समाज का भविष्य हैं”यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि मा. प्रादीपदा कंद जैसे जनसेवक आज की राजनीति में नई सोच और सकारात्मक नेतृत्व का प्रतीक हैं।उनकी सादगी, सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण ने हर हृदय को प्रभावित किया।कई श्रद्धालुओं ने कहा — प्रादीपदा कंद जैसे युवा और धर्मनिष्ठ नेता ही समाज को नई दिशा देंगे। उनके नेतृत्व में संस्कृति, सेवा और जनकल्याण का युग आरंभ होगा।”


Spread the love
  • Related Posts

    Cabinet  बैठक: पंचायत आरक्षण आयोग, 1010 बेड अस्पताल समेत 12 प्रस्ताव पास, पढ़ें बड़े फैसले

    Spread the love

    Spread the loveयोगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लखनऊ में हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण…


    Spread the love

    शादी से इनकार पर की थी डीएलएड छात्रा की हत्या, आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

    Spread the love

    Spread the loveबरेली के सीबीगंज इलाके में शीशगढ़ निवासी डीएलएड छात्रा नीतू की हत्या का राज खुल गया है। पुलिस ने रविवार रात टियूलिया अंडरपास के पास हुई मुठभेड़ में…


    Spread the love