चौदहकोसी परिक्रमा के साथ शुरू हुआ कार्तिक मेला बृहस्पतिवार को पूरे शबाब पर पहुंच गया। 42 किलोमीटर की परिधि मानव शृंखला से घिरी रही। परिक्रमा पूरी होने के साथ आस्था का समुद्र सरयू तट से प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए उमड़ने लगा। डीएम निखिल टीकाराम फुंडे का दावा है कि 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चौरहकोसी परिक्रमा की है।
सरयू की लहरों के साथ दिखा आस्था का प्रवाह
रात दो बजे से सरयू तट पर जयकारे गूंजने लगे थे। सुबह के करीब आठ बजे पूरा सरयू तट श्रद्धालुओं के हुजूम से भर गया। बारिश के बीच भी घाटों पर तिल रखने की जगह नहीं थी। लाखों श्रद्धालु पुण्यार्जन के लिए डुबकी लगा रहे थे। कुछ स्नान कर परिक्रमा शुरू करने की तैयारी में थे। कुछ परिक्रमा पूरी करने के बाद स्नान करने आ रहे थे। हरिकीर्तन करते श्रद्धालुओं की भीड़ से सरयू की लहरों के साथ आस्था का भी प्रवाह नजर आ रहा था।
तीन लाख भक्तों ने किए रामलला के दर्शन
परिक्रमा पूरी होते ही परिक्रमार्थियों की भीड़ सरयू में डुबकी लगा स्नान-दान कर प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जुट गई। नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन के साथ श्रीराम लला के दरबार में दर्शन की होड़ रही। रामलला के दरबार में पिछले दो दिनों के भीतर तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई है। बृहस्पतिवार की शाम तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके थे।
वापसी के लिए जद्दोजहद करते दिखे श्रद्धालु
चौदहकोसी परिक्रमा पूरी करने के बाद श्रद्धालु वापसी के लिए जद्दोजहद करते नजर आए। नया घाट हाईवे पर वाहनों का काफिला लगा रहा। घर वापसी के लिए भक्तों की भारी भीड़ नजर आई। इसी तरह बृहस्पतिवार को सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का रेला उमड़ा। अयोध्या से वाराणसी और अयोध्या से लखनऊ की और जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की जबरदस्त भीड़ रही। अयोध्या-मनकापुर इंटरसिटी ट्रेन में भी यात्रियों की काफी भीड़ दिखी।







