अयोध्या: परिक्रमार्थियों की सेवार्थ श्री रामाय सेवा ट्रस्ट ने लगाया सेवा कैम्प

 

 

देवकाली भीखापुर में पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने किया शुभारंभ, ‘सेवा ही सच्ची साधना’ का दिया संदेश

 चौदह कोसी परिक्रमा के पावन अवसर पर रामनगरी में सेवा व समर्पण की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए श्री रामाय सेवा ट्रस्ट द्वारा देवकाली भीखापुर में भव्य सेवा कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प का शुभारंभ पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश पाण्डेय बादल तथा ब्लॉक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष शिवेंद्र सिंह ने भगवान श्रीराम व महाबली हनुमान के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे संतु निरामयाः का सामूहिक उच्चारण वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता रहा।
सेवा कैम्प में परिक्रमार्थियों के लिए चाय-पानी, विश्राम स्थल, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, मेडिकल कैम्प और मोबाइल टॉयलेट जैसी उत्कृष्ट सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी। हजारों श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया और चाय पीकर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष के साथ परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ चले।
पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा— “परिक्रमा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जनसेवा का अवसर है। सेवा ही सच्ची साधना है।” पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश पाण्डेय बादल ने कहा— “रामनगरी की आत्मा सेवा और समर्पण में बसती है। यही भावना हमें समाज के प्रति उत्तरदायी बनाती है।” वहीं शिवेंद्र सिंह ने कहा— “परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा ही हमारा धर्म है। सेवा भाव से किया गया प्रत्येक कार्य प्रभु श्रीराम को समर्पित है।”
दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ कैम्प में उमड़ती रही। राम नाम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। सेवा में भाजपा मीडिया प्रभारी दिवाकर सिंह, व्यापारी नेता शिवम शुक्ला, बाबूराम यादव सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक निष्ठा से जुटे रहे।

और पढ़े  योगी कैबिनेट: चुनावों से पहले हर वर्ग को खुश करने की कोशिश, किसानों को मिलेगा सस्ता लोन, अग्निवीरों को आरक्षण
  • Related Posts

    स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर HC सख्त:- DM और मुख्य सचिव को दिया ये आदेश, एक माह में मांगी अनुपालन रिपोर्ट

    हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की परिवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने मुख्य सचिव को जिला स्कूल वाहन सुरक्षा…

    UP में जमीन से बेदखल होने के डर में किसान,जमीन से बेदखल होने के भय में तराई के किसान, पीढ़ियों से खेती कर रहे सिखों का…

    उत्तराखंड बॉर्डर से लखीमपुर खीरी तक फैले तराई के विशाल कृषि क्षेत्र में इन दिनों गहरी बेचैनी है। देश का बंटवारा, 84 के दंगे और आतंकवाद का दौर सह चुके…