संसद सत्र के अंतिम चार दिन सिर्फ विधायी नहीं, सियासी शक्ति-परीक्षण के लिहाज से अहम हो गए हैं। सरकार संख्या जुटाने में लगी है, विपक्ष एकजुटता बचाने में। दोनों खेमों की बेचैनी की जड़ में है परिसीमन व महिला आरक्षण लागू करने वाला 131वां संविधान संशोधन विधेयक, जिसके जरिये लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 850 तक पहुंच सकती है।
पीएम नरेंद्र मोदी खुद जहां राजग का कुनबा सशक्त करने में जुटे हैं, वहीं विपक्ष से संपर्क की जिम्मेदारी मंत्रियों में बांट दी है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, जबकि अन्य विपक्षी दलों से केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, पीयूष गोयल, अर्जुन राम मेघवाल और एल मुरुगन बातचीत कर रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह कई क्षेत्रीय दलों के नेताओं के संपर्क में हैं। इन लगातार बैठकों को शिष्टाचार से ज्यादा फ्लोर मैनेजमेंट के मिशन के तौर पर देखा जा रहा है।
अभी नहीं किया जाएगा सत्रावसान
सूत्रों के मुताबिक मानसून सत्र भले 13 अगस्त को खत्म हो जाए, सरकार तुरंत संसद का सत्रावसान नहीं करेगी, ताकि कम समय में ही विशेष सत्र बुलाने का विकल्प खुला रहे। 16 से 18 अगस्त के बीच परिसीमन विधेयक पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाए जाने संकेत सत्ता पक्ष की तरफ से दिए जा चुके हैं, लेकिन तारीख और एजेंडे पर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। मुलाकात ओम बिरला के दफ्तर में हुई और करीब एक घंटे तक चली।
शाह और बिरला की मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि संसद में गतिरोध तोड़ने के लिए सरकार विकल्प तलाश रही है। हालांकि, बैठक के बाद कोई आधिकारिक बयान नहीं आया। बैठक ऐसे समय में हुई है, जब प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मुद्दों पर सरकार व विपक्ष के बीच संसद में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष छात्रों पर कार्रवाई के मामले में शाह से जवाब की मांग पर अड़ा है।






