2.0 धामी सरकार : राज्य में पूरा हुआ भाजपा सरकार का एक साल पूरा, मुख्यमंत्री ने की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

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2.0 धामी सरकार : राज्य में पूरा हुआ भाजपा सरकार का एक साल पूरा, मुख्यमंत्री ने की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों को रोडवेज की बसों में 50 फीसदी किराया ही देना होगा। यह सुविधा परीक्षा देने जाने और वापस आने, दोनों तरफ की यात्रा के लिए मिलेगी। सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री प्रतियोगी परीक्षार्थी परिवहन योजना समेत कई घोषणाएं कीं।
धामी ने एलान किया कि राज्य में अब कक्षा छह से ही कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी की शिक्षा लागू हो जाएगी। वहीं, कहा कि लोकतंत्र सेनानी की मृत्यु होने पर उनकी पेंशन विधवा पत्नी को दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग की एक साल नई मिसाल विकास पुस्तिका का भी विमोचन किया। उन्होंने 37 करोड़ रुपये की लागत से सहस्त्रधारा के तरला नागर में प्रस्तावित सिटी फॉरेस्ट योजना का भी शिलान्यास किया। सीएम ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बहुद्देशीय शिविरों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई अर्थों में विशेष है। आज देवभूमि की जनता द्वारा अपनी आशाओं-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए चुनी गई सरकार का एक वर्ष पूर्ण हुआ है। आज हमारा उत्तराखंड ‘उत्कृष्ट उत्तराखंड’ बनने की राह पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सख्त नकल कानून बनाने के बाद अब कोई नकल करने या कराने की सोचेगा भी नहीं। बोले, वह न रुकेंगे, न झुकेंगे और न हटेंगे। जनता भली-भांति जानती है कि कौन इस प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ा सकता है, कौन वंचितों को उनके अधिकार दिला सकता है, कौन युवाओं के सपनों साकार कर सकता है और कौन अंत्योदय की परिकल्पना को सही आकार दे सकता है। कहा कि जनता ने सत्य को चुना और हर कसौटी पर परख कर हमें एक बार पुनः सेवा का अवसर दिया। कार्यक्रम को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी संबोधित किया।

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मुख्यमंत्री धामी ने करी ये घोषणाएं-
चलती-फिरती प्रयोगशाला
उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए सभी 13 जिलों में चलती-फिरती प्रयोगशाला (लैब ऑन व्हील्स) शुरू की जाएगी।
सांइस व आईटी कॉरिडोर
राज्य में विज्ञान प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी गलियारा (कॉरिडोर) बनेगा। जल्द सांइस और टेक्नोलॉजी इनोवेशन पॉलिसी आएगी।
खेल विश्वविद्यालय
हल्द्वानी स्थित गौलापार में बने अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का उच्चीकरण कर उसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार खेल विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री औद्यानिकी योजना
प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री औद्यानिकी योजना शुरू की जाएगी। वहीं पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन शुरू होगा।
सड़कों से जुड़ेंगे गांव
जल्द मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू होगी। इस योजना के तहत 250 से अधिक आबादी वाले गांवों की मुख्य सड़कों का निर्माण होगा।
कौशल विकास योजना
युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार योजना शुरू होगी। इसमें स्नातक पास छात्रों को आवश्यक रूप से दक्ष बनाया जाएगा।
सरोवर योजना
सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक अमृत सरोवर बनाया जाएगा। इन्हें पर्यटक स्थल व जल क्रीड़ा के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
स्वरोजगार केंद्र
सभी जिलों में जिला सेवा योजना एवं कौशल विकास कार्यालय को स्वरोजगार केंद्र के नोडल कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
चलते-फिरते स्कूल
श्रमिकों के बच्चों को साक्षर बनाने के लिए चलते फिरते (मोबाइल) स्कूल शुरू किए जाएंगे, जिनमें शिक्षक मौके पर जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे।
.गैरसैंण तक चौड़ा होगा मार्ग
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के लिए दिवालीखाल से सड़क मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। जिससे कर्णप्रयाग गैरसैंण मार्ग सुगम हो जाएगा।
लोक पर्वों को महत्व
उत्तरायणी, फूलदेई, हरेला, ईगास, बूढ़ी दिवाली जैसे उत्तराखंड के लोकपर्वों को व्यापक पहचान दिलाए जाने के लिए समेकित नीति बनेगी।

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कड़े फैसले लिए –

महिला आरक्षण :
उच्च न्यायालय ने महिलाओं के सरकारी नौकरियों में 30 फीसद क्षैतिज आरक्षण के शासनादेश पर रोक लगाई। धामी सरकार ने कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। वहां से राहत मिलने के बाद कानून बना दिया।
आंदोलनकारियों का आरक्षण :
राज्य आंदोलनकारियों के 10 फीसद क्षैतिज आरक्षण का भी सरकार पर दबाव बना। सीएम धामी ने राजभवन से सात साल से लंबित पड़े विधेयक को वापस मंगवाया और कैबिनेट ने राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण देने का फैसला लिया।
धर्मांतरण पर रोक :
धामी सरकार में जबरन धर्मांतरण कानून को और अधिक सख्त बना दिया गया। इसमें 10 साल तक सजा का प्रावधान किया गया।
नकल विरोधी कानून :
प्रतियोगी परीक्षाओं में घपला सामने आने के बाद सरकार ने नकल विरोधी कानून बनाया और इसमें 10 साल तक की सजा और संपत्ति जब्त करने के कठोर प्रावधान किए।
विस बैकडोर भर्ती :
विधानसभा में बैकडोर से लगे 228 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया। स्पीकर के अनुरोध पर सरकार ने इसकी अनुमति दे दी।


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