महाराष्ट्र के बीड शहर के एक ज्वैलर को नकली सोना देकर बैंक से लोन निकालने और करीब 2.5 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि इस ज्वैलर ने नकली सोने की मदद से फर्जी आवेदन कर बैंक से लोन निकाले। आरोपी की पहचान विलास उदावंत के रूप में हुई है, जो बीड के पंडित नगर इलाके का रहने वाला है। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी ठगी को अंजाम देकर बीड में अपनी संपत्ति को बेचकर पुणे शहर के पास देहूगांव में रह रहा था। पुलिस ने इलाके में उसकी नई खुली ज्वेलरी की दुकान से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के पास से 18 किलो चांदी जब्त की है।
नकली सोने से बैंक लोन पास करवाए
पुलिस ने बताया कि उदावंत, जो पहले बीड में दुकान चलाता था, उसने लोगों को ठगने और जल्दी अमीर बनने के लिए एक स्कीम चलाई। पुलिस ने बताया कि ‘आरोपी ज्वैलर ने नकली सोना देकर फर्जी ग्राहकों के नाम पर बैंक से लोन लिए। आरोपी कर्ज के लिए आवेदन एक बड़े सार्वजनिक सेक्टर बैंक की स्थानीय शाखा में भेज देता था। सिक्योरिटी के तौर पर वह नकली सोने का इस्तेमाल करता था। आरोपी ज्वैलर बैंक का सर्टिफाइड जांचकर्ता भी था और वही नकली सोने को असली बताकर बैंक के साथ धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था। इस तरीके से कथित तौर पर उसने कम से कम 16 नकली गोल्ड लोन पास करवाए।’
ढाई करोड़ की ठगी का अनुमान
पुलिस का अनुमान है कि उसने इस तरीके से दो महीनों में लगभग 2.5 करोड़ रुपये जमा किए, जिसके बाद उसने बीड में अपनी प्रॉपर्टी बेच दी और शहर से भाग गया। पुलिस ने बताया कि एक मुखबिर ने पुलिस को पुणे में उदावंत की मौजूदगी के बारे में बताया। जिसके बाद बीड पुलिस की एक टीम ने उसकी नई दुकान पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। टीम ने दुकान से 18 किलो चांदी बरामद की।









