देहरादून: यहां रहना है तो हमसे दबकर रहना होगा..गाना बजाने पर हुआ विवाद दिव्यांशु को हमेशा के लिए शांत कर दिया

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श्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार के गानों से बढ़ी वर्चस्व की लड़ाई ने दिव्यांशु को हमेशा के लिए शांत कर दिया। विवाद करीब दो महीने पहले शुरू हुआ था जब दिव्यांशु के दोस्तों ने विवि के गेट के सामने कार में छोरा जाट्टा का गाना बजा दिया था।

बिहार निवासी आरोपी छात्रों के गुट ने इसे चुनौती के रूप में लिया और कई बार मारपीट की। सोमवार को यह कहानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छात्र दिव्यांशु की मौत पर आकर खत्म हो गई। जानकारी के मुताबिक दिव्यांशु प्रेम नगर क्षेत्र स्थित एक निजी विवि के बीटेक सीएस द्वितीय वर्ष के छात्र थे। वे अपने दोस्तों के साथ पौंदा स्थित हॉस्टल में रहते थे। पूर्व में गाने से उपजे विवाद के बाद दूसरे गुट के युवक उसकी रेकी कर रहे थे।

सोमवार रात जब दिव्यांशु प्रेम नगर बाजार में खाना खाने गया तो आरोपी युवक भी वहां पहुंच गए। चश्मदीदों के अनुसार युवकों ने कहा कि तुम अपने समूह के लोगों को ज्यादा ताकतवर समझते हो, अपनी औकात में रहो। यहां रहना है तो हमसे दबकर रहना होगा। दिव्यांशु ने जैसे ही इसका विरोध, युवकों ने तुरंत हमला कर दिया। इसमें उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

दिव्यांशु को 15 आरोपी भरे बाजार पीटते रहे, लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। लोग तमाशबीन बनकर देखते रहे। आरोपियों के हाथ में फावड़ा और लाठी-डंडे थे। बाद में एक दंपत्ति ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। इससे इंसानियत भी शर्मसार हुई है। 

माता-पिता को छोटे भाई के सहारे छोड़ गए दिव्यांशु
परिजनों के मुताबिक दिव्यांशु दो भाई थे। वे अपने पीछे एक छोटे भाई को छोड़ गए। मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके छोटे भाई ने अभी 12वीं की परीक्षा दी थी। माता-पिता को उम्मीद थी कि दिव्यांशु बीटेक की पढ़ाई पूरी कर नौकरी करेगा।

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15 दिन पहले दिव्यांशु समूह के छात्र के साथ की थी मारपीट
आरोपियों के गुट ने करीब 15 दिन पहले दिव्यांशु गुट के एक छात्र के साथ कॉलेज के बाहर मारपीट की थी। इसमें उसके कपड़े फाड़ दिए थे। इसके करीब तीन दिन बाद फिर से आरोपियों ने उसी छात्र के साथ मारपीट करते हुए बाइक छीन ली थी और तोड़कर जंगल में फेंक दी थी। इसके अलावा यह भी जानकारी है कि आरोपी गुट के करीब 20 लोग गाने की घटना के बाद उनके हॉस्टल के पास गए थे। वे दिव्यांशु को खोज रहे थे जब वह नहीं मिला तो वे वहां से चले गए। दिव्यांशु के दोस्त लगातार आरोपियों के निशाने पर थे। दिव्यांशु के दोस्तों का आरोप है कि उनकी ओर से इस मामले में प्रेम नगर थाने में शिकायत की गई थी। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उधर थानाध्यक्ष कुदंन राम का कहना है कि छात्रों के झगड़े से जुड़ी घटनाएं अक्सर आती रहती हैं। नियमानुसार उन पर कार्रवाई की जाती है।

हॉस्टल संचालकों पर 80 हजार का जुर्माना
प्रेमनगर थाना पुलिस की ओर से मंगलवार को सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना सत्यापन छात्रों को किराए पर रखने वाले आठ संचालकों पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इतना ही नहीं 75 छात्रों से पूछताछ भी की गई। नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे 52 वाहनों का चालान किया गया है। 24 लोगों के पुलिस एक्ट में चालान भी किए गए हैं। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि क्षेत्र की कानून व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए पुलिस की ओर से कार्रवाई तेज की गई है। है। हास्टल और पीजी में रह रहे छात्रों से वार्ता भी की गई है।

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शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी करने वाले छात्रों को चिह्नित किया जाएगा। उसके खिलाफ बिना किसी देरी के प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। -प्रमेन्द्र डोबाल, एसएसपी, देहरादून

बिहार डिफॉल्टर रखा था अपने गुट का नाम
छात्रो से बातचीत में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने खुद की पहचान बिहार डिफॉल्टर के रूप में बनाई थी। उनके साथ अधिकतर बिहार के छात्र ही रहते थे लेकिन उनका संरक्षण पाने के लिए अन्य जगह के छात्र भी उनके साथ रहते थे। घटना में विवि के छात्रों के साथ कुछ बाहर के लोग भी हैं। सूत्र बताते हैं कि आरोपी पूरा गैंग चला रहे थे। जो विवि में अक्सर कमजोर छात्रों के साथ मारपीट और दबंगई करते थे।

सीएचसी से निकलते ही खराब हो गई एंबुलेंस : प्रेम नगर पीएचसी से
घायल को लेकर निकली एंबुलेंस करीब 100 मीटर आगे ही खराब हो गई। एंबुलेंस के पीछे पुलिस की गाड़ी भी चल रही थी। ऐसे में घायल को पुलिस की गाड़ी में भेजा गया। 108 के जिला प्रभारी विमल यादव ने बताया कि दूसरी एंबुलेंस बुलाई गई थी लेकिन उसे आने में समय लग रहा था। ऐसे में पुलिस अपनी ही गाड़ी में घायल को लेकर चली गई थी।


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