झटका : नहीं होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम कम, 3 रुपये तक हो सकता है महंगा..

Spread the love

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आसमान छुआ हुआ है। आम लोग और विपक्ष इसका विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उच्च टैक्स की वजह से देश में तेल की कीमत अधिक है। ऐसे में अब आम लोगों को एक और झटका लग सकता है। कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड सोमवार को 75 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया। यह ग्राहकों के लिए चिंता की बात है क्योंकि अगर कच्चा तेल और महंगा होता है तो आने वाले दिनों में तेल की कीमत तीन रुपये तक बढ़ सकती है।इस सप्ताह कच्चा तेल 75.34 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। जबकि एक महीने पहले यह 69.03 डॉलर पर था। इस तरह इसमें 9.1 फीसदी का इजाफा हुआ है। दरअसल कोरोना के नए मामलों में आ रही गिरावट और टीकाकरण की बढ़ती रफ्तार से आर्थिक गतिविधियां दोबारा खुली हैं। ऐसे में तेल की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे कच्चे तेल की कीमत आसमान छू रही है।
मालूम हो कि पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को हाल ही में निराशा हाथ लगी थी। जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद साफ हो गया कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जाएगा। 45वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसमें लिए गए फैसलों की जानकारी दी। एक जुलाई 2017 को जब जीएसटी लागू हुआ था तो केंद्र व राज्य सरकारों ने अपने राजस्व के मद्देनजर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा था। इस पर केंद्र सरकार व राज्य सरकारें अपने-अपने यहां अलग-अलग कर लगाती हैं और उससे आने वाला पैसा सरकारी खजाने में जाता है।

और पढ़े  नग्न अवस्था में नाबालिग छात्रा के साथ होटल में मिला युवक, हिंदू संगठनों और पुलिस की छापेमारी

Spread the love
  • Related Posts

    श्रम विभाग की बैठक में फैसला, प्रदेश में अब दो दिन वर्क फ्रॉम होम, अलग-अलग शिफ्ट में खुलेंगे ऑफिस

    Spread the love

    Spread the loveप्रदेश में बढ़ती लागत और गैस की कमी के चलते कई उद्योगों पर संकट गहराने लगा है। इसको लेकर श्रम विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण फैसले…


    Spread the love

    13 लाख वाहनों के ट्रैफिक चालान माफ, UP सरकार के अध्यादेश पर सुप्रीम कोर्ट असंतुष्ट, जानें…

    Spread the love

    Spread the loveउत्तरप्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में एक कानून बनाकर 1 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2021 के बीच के लाखों लंबित यातायात मामलों को स्वतः समाप्त कर दिया।…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *