एसटीएफ मेरठ और बागपत के सिंघावली अहीर थाना पुलिस की सैड़भर मार्ग पर सिंचाई विभाग के बंगले के पास शनिवार शाम सुशील मूंछ गिरोह के शॉर्प शूटर 50 हजार रुपये के इनामी विपुल उर्फ खूनी निवासी भभीसा जिला शामली के साथ मुठभेड़ हो गई। गोली लगने से विपुल उर्फ खूनी घायल हो गया, जिसे अस्पताल में लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उसके पास से दो पिस्टल, कारतूस व खोखे और अपाचे बाइक बरामद की।
जेल से करीब दो साल पहले जमानत पर बाहर आने के बाद विपुल ने अपने गांव के ही हत्या के मामले में वादी अशोक कुमार से मुकदमे की पैरवी में खर्च हुए रुपये मांगने शुरू कर दिए। अशोक को रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी।
छेड़छाड़ को लेकर हुआ था पहला झगड़ा
50 हजार रुपये के इनामी विपुल के परिजन देर रात पोस्टमार्टम हाउस पर आए। जहां चाचा योगेश ने बताया कि विपुल अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके परिवार में तीन बहने है। विपुल शादीशुदा था, जिसके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। योगेश ने बताया कि वर्ष 2005 में छेड़छाड़ को लेकर झगड़ा गया था। उसके बाद ही अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया।
50 हजार रुपये के इनामी विपुल के परिजन देर रात पोस्टमार्टम हाउस पर आए। जहां चाचा योगेश ने बताया कि विपुल अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके परिवार में तीन बहने है। विपुल शादीशुदा था, जिसके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। योगेश ने बताया कि वर्ष 2005 में छेड़छाड़ को लेकर झगड़ा गया था। उसके बाद ही अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया।






