गहलोत कैबिनेट : आज गहलोत सरकार के 15 मंत्री लेंगे शपथ, इनमें 11 कैबिनेट और 4 राज्य मंत्री, पायलट खेमे को मिले 5 पद ।

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राजस्थान में गहलोत सरकार के सभी मंत्रियों के इस्तीफे के बाद 15 नए मंत्री शपथ लेंगे। कैबिनेट फेरबदल के बाद 15 मंत्री बनाए गए हैं जिनमें से 11 कैबिनेट मंत्री हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी रविवार को शपथ लेंगे। सचिन पायलट खेमे से मुरारीलाल मीणा, बृजेंद्र सिंह ओला, हेमाराम चौधरी, रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह मंत्री पद की शपथ लेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी सूची के अनुसार कैबिनेट मंत्री के रूप में हेमाराम चौधरी, महेंद्रजीत मालवीय, रामलाल जाट, महेश जोशी, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, ममता भूपेश, भजनलाल जाटव, टीकाराम जूली, गोविंद राम मेघवाल व शकुंतला रावत को शपथ दिलाई जाएगी। वहीं, विधायक जाहिदा खान, बृजेंद्र सिंह ओला, राजेंद्र गुढ़ा व मुरारीलाल मीणा को राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी।

सूत्रों ने कहा कि राज्य के तीन मंत्री, जो अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से हैं, उन्हें कैबिनेट रैंक में पदोन्नत किया गया है। एससी के जिन तीन मंत्रियों को कैबिनेट रैंक में पदोन्नत किया गया है, वे हैं भजनलाल जाटव, ममता भूपेश भैरवा और टीकाराम जूली। वहीं सरकार के मौजूदा तीन प्रमुख मंत्रियों को हटाया गया है।

सचिन पायलट खेमे से पांच मंत्री
सचिन पायलट खेमे के जिन लोगों को मंत्रालय में शामिल किया गया है, उनमें विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा और हेमाराम चौधरी कैबिनेट मंत्री हैं, इसके अलावा बृजेंद्र ओला और मुरारी मीणा राज्य मंत्री हैं। हेमाराम चौधरी, मुरारीलाल मीणा व बृजेंद्र ओला को पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का करीबी माना जाता है। इसके अलावा पिछले साल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ बगावती रुख अपनाए जाने के समय पायलट के साथ पद से हटाए गए विश्वेंद्र सिंह व रमेश मीणा को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से कांग्रेस में आए छह विधायकों में से राजेंद्र गुढ़ा को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।

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अधिकतम 30 मंत्रियों का कोटा पूरा
गहलोत मंत्रिमंडल में इन नए मंत्रियों के आने से अधिकतम 30 मंत्रियों का कोटा पूरा हो जाएगा। अशोक गहलोत सरकार में कुल 30 मंत्री होंगे, जिनमें 15 पुराने मंत्री होंगे, जिन्होंने पहले इस्तीफा दे दिया था। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल फेरबदल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 विधायकों को संसदीय सचिव व सात को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। किसी भी निर्दलीय विधायक को मंत्री पद नहीं दिया गया है, जबकि उनमें से कुछ को संसदीय सचिव के रूप में शामिल किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि नए मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से चार सदस्य और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से तीन सदस्य होंगे। इसके अलावा तीन महिलाएं भी शामिल होंगी। इनमें एक मुस्लिम, एक एससी और एक गुर्जर समुदाय से होंगी।
सभी मंत्रियों ने दिया इस्तीफा
इससे पहले राजस्थान की गहलोत सरकार की कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री गहलोत के आवास पर शनिवार को हुई। इसमें गहलाेत मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। इससे पहले राज्य कांग्रेस प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा ने बैठक की शुरुआत में एक प्रस्ताव रखा, जिसके बाद सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। डोटासरा समेत दो अन्य मंत्रियों के साथ पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र में इस्तीफा देने की पेशकश की थी। सभी मंत्रियों के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री राजभवन गए और कैबिनेट फेरबदल के सिलसिले में राज्यपाल कलराज मिश्र के साथ बैठक की। 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान कैबिनेट के सभी मंत्रियों के इस्तीफा देने के बाद तीन कैबिनेट मंत्रियों रघु शर्मा, हरीश चौधरी और गोविंद सिंह डोटासरा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

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शुक्रवार को तीन मंत्रियों ने दिया था इस्तीफा
गहलोत सरकार के तीन मंत्रियों ने शुक्रवार शाम को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा शामिल हैं। इन सभी मंत्रियों ने ‘एक व्यक्ति एक पद’ के सिद्धांत के चलते इस्तीफा दिया था। रघु शर्मा को गुजरात अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का प्रभारी, हरीश चौधरी को पंजाब एआईसीसी का प्रभारी और गोविंद सिंह डोटासरा को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) का प्रमुख नियुक्त किया गया है।


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