उत्तराखंड/चमोली : जोशीमठ में आतंक का पर्याय बने भालुओं में से एक को मार गिराया गया,मिली लोगों को कुछ राहत।

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चमोली जिले के जोशीमठ शहर में पिछले महीनों से आतंक का पर्याय बने भालूओं मे से आखिरकार एक को बीती रात्रि को साढ़े बारह बजे मार गिराया गया।वन विभाग की टीम ने इस भालू को सिंहधार एरिया मे पीछा करते हुए ढेर किया।

बताते चलें कि पिछले दिनों भी हमने अपने दर्शकों को बताया था कि किस तरह जोशीमठ में भालुओं के हमले का लोग शिकार हो रहे थे। जिसमें कई लोगों को भालुओं ने जख्मी किए थे।तब स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों ने वन विभाग से भालुओं से निजात दिलाने की मांग की थी।

मारा गया भालू रोज की तरह देर रात्रि को सिंहधार की घनी आबादी में पहुंच गया, जिसकी सूचना नन्दी देवी पंवार द्वारा वन विभाग को दी गई।सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मय ट्रेंक्लाइज टीम के साथ मौके पर पहुंची, लेकिन भालू वन विभाग टीम की दस्तक को भांपते हुए नीचे की ओर भाग गया।

भालू भागते हुए सिंहधार में ही स्व०दरबान सिंह भंडारी के घर के पास ही खेतों में छुप गया, टीम ने वहां पहुंचकर भालू को घेर कर ट्रेंक्लाइज करने के लिए गोली दागी ,गोली दागते ही भालू वन कर्मियों पर आक्रमण करने की कोशिस करने लगा, तब टीम ने काफी मशक्कत के बाद भालू को ढेर कर दिया।

मारा गया भालू मादा है और करीब साढ़े तीन से चार कुन्तल वजनी बताया गया है। वन विभाग की टीम ने भालू को मारने के बाद जाल व पन्नी डालकर मौके पर ही छोड़ा है,जिसे अब वहां से लाकर पोस्टमार्टम किया गया।

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