हल्द्वानी- हाईकोर्ट के लिए 30 हेक्टेयर भूमि, श्रमिकों को सौगात, जानें कैबिनेट के अन्य फैसले

नैनीताल हाईकोर्ट को हल्द्वानी में शिफ्ट करने की दिशा में एक कदम और बढ़ गया है। धामी कैबिनेट ने शुक्रवार को हल्द्वानी में कोर्ट परिसर निर्माण के लिए 30 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने का निर्णय ले लिया। वहीं, अब पशुपालन की गो पालन योजना का लाभ सामान्य वर्ग को भी मिलेगा। कैबिनेट ने श्रमिकों के हित में मजदूरी संहिता, औद्योगिक संबंध नियमावली पर मुहर लगा दी है तो अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्रावासों के संचालन की नियमावली भी मंजूर की।

सचिवालय में शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकतानुसार करीब 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गो पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना से जोड़ने का निर्णय ले लिया है। अब लाभार्थी गाय के साथ ही भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत और सामान्य वर्ग को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इससे प्रथम वर्ष में लगभग 2128 पशुपालकों को लाभ मिलेगा।
श्रमिकों की दो नियमावली मंजूर
कैबिनेट ने मजदूरी संहिता 2019 के तहत उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली 2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसमें न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन, डिजिटल भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला एवं पुरुष को समान वेतन सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। वहीं, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के तहत उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली 2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन, हड़ताल व तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया तथा श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

और पढ़े  हरिद्वार: उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद मीडिया के सामने आईं दीपिका राठौर, बोलीं-आत्महत्या तक का ख्याल आया

ये भी हुए अहम फैसले
– समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित अनुसूचितजाति, जनजाति के मेधावी छात्रों के छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली 2026 पर मुहर।
– ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन को मंजूरी।
– केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का निर्णय।
– उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय गौलापार (हल्द्वानी) के सुचारु संचालन के लिए 122 नियमित पदों के साथ आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों को स्वीकृति।
– दिनेशपुर एवं शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष संचालन समिति में उपाध्यक्ष एवं सदस्य पदों पर उसी समुदाय से नामांकन का निर्णय।
– सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली 2004 में संशोधन कर कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाए जाएंगे और उनकी जगह मानसिक अक्षमता संबंधी न्यायालय से घोषित प्रावधान को शामिल किया जाएगा।
– ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग व ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरण के लिए केंद्र के निर्धारित प्रोटोकॉल राज्य में लागू करने का निर्णय।
– वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली 2026 पर मुहर, स्केलर पदों के लिए 100 अंकों की परीक्षा होगी।
– उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन करने का निर्णय।

  • Related Posts

    उत्तराखंड विधानसभा सत्र: CM धामी बोले-कांग्रेस के पाप धोने का काम कर रही है हमारी सरकार, सफाई जारी रहेगी

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि गैरसैंण में आयोजित विधानसभा का यह सत्र मौजूदा सरकार के कार्यकाल का अंतिम सत्र था। इस साल यहां विधानसभा के दो सत्र आयोजित किए गए।…

    अल्मोड़ा: प्रेमी के पहली पत्नी के पास लौटने से नाराज महिला ने किया हंगामा, पेड़ पर चढ़कर दी आत्महत्या की धमकी

    प्रेमी के पहली पत्नी और बच्चों के पास लौटने से नाराज महिला ने मंगलवार को अल्मोड़ा कलेक्ट्रेट स्थित एसडीएम कोर्ट में जमकर हंगामा किया। महिला ने आत्महत्या करने की धमकी भी…