अल्मोड़ा : ईश्वर व्यक्ति को पद पर आसीन होने का मौका देता है – न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा ।

Spread the love

अल्मोड़ा। उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल के न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा ने कहा कि ईश्वर व्यक्ति को पद पर आसीन होने का मौका देता है। व्यक्ति को जिस भी संस्था में भी जिम्मेदारी मिलती है, उसे अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। तभी उस पर विश्वास बनता है।
न्यायमूर्ति शर्मा जिला न्यायालय परिसर पांडेखोला में जिला बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि बार और बेंच रथ के बड़े अच्छे पहिये हैं। लोग न्यायालय में उम्मीद के साथ आते हैं। उस उम्मीद को पूरा करना होगा। बार बैंच का सम्मान सभी के सहयोग से होगा।
इससे पहले बार चुनाव समिति के अध्यक्ष केवल सती ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष शेखर लखचौरा, उपाध्यक्ष कुंदन लटवाल, महिला उपाध्यक्ष सुनीता पांडे, सचिव भुवन पांडे, कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार, सह कोषाध्यक्ष इंतेखाब आलम कुरैशी, पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. राजा हृदयेश अंडोला, संप्रेक्षक मुरुली मनोहर भट्ट, कार्यकारिणी सदस्य त्रिभुवन पांडे, वैभव पांडे, सुरेंद्र अग्निहोत्री, हरीश चंद्र लोहनी, नारायण जीना को शपथ दिलाई।
समारोह में जिला जज मलिक मजहर सुल्तान, चुनाव समिति के अध्यक्ष केवल सती आदि ने भी विचार रखे। अध्यक्षता करते हुए पूर्व अध्यक्ष महेश परिहार ने सभी का आभार जताया। सचिव भुवन पांडे ने संचालन किया।


Spread the love
और पढ़े  कोटद्वार-पौड़ी NH पर हादसा: सतपुली में सड़क चौड़ीकरण के दौरान बोलेरो पर गिरा बोल्डर, एक की मौत, दो घायल
  • Related Posts

    अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग…PG छात्र ने MBBS के विद्यार्थियों को किया परेशान, एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक आज

    Spread the love

    Spread the loveसोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान और शोध संस्थान (अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज) में रैगिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक पीजी छात्र ने एमबीबीएस बैच 2023…


    Spread the love

    उत्तराखंड- मदरसों का अस्तित्व केवल बोर्ड पर निर्भर, ये मान लेना सही नहीं, सरकार के फैसले पर जमीअत का बयान

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के संबंध में बुधवार को जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने बयान जारी किया। उन्होंने इस कानून के क्रियान्वयन पर पुनर्विचार करने और…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *