अयोध्या: साकेत महाविद्यालय में युवा महोत्सव का आगाज

 

 

लोक मनुष्य समाज का वह वर्ग है जो आभिजात्य संस्कार, शास्त्रीयता और पांडित्य की चेतना अथवा अहंकार से शून्य है और जो एक परंपरा के प्रवाह में जीवित रहता है। वह सबकुछ जो स्वत: प्रतिपादित हुआ, वहीं लोक रंग है।यह बात प्राचार्य प्रो दानपति तिवारी ने आज साकेत महाविद्यालय में सांस्कृतिक परिषद् द्वारा आयोजित ‘युवा महोत्सव’ के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही। इसके साथ ही महाविद्यालय में सत्रान्त में होने वाले ‘युवा महोत्सव एवं वार्षिक समारोह’ का आगाज हो गया। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष डॉ असीम त्रिपाठी ने बताया कि ‘युवा महोत्सव’ के अन्तर्गत दिनांक 8 एवं 9 अप्रैल को विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा जिसमें गायन, एकल काव्य पाठ, भाषण, रंगोली, मेंहदी एवं पोस्टर प्रतियोगिताएं शामिल हैं। दिनांक 30 अप्रैल को भव्य वार्षिक सांस्कृतिक समारोह के साथ इस संपूर्ण आयोजन का समापन होगा। इस पूरे समारोह की थीम भारत की लोक संस्कृति होगी जिसको ‘लोक के रंग, साकेत के संग’ नाम दिया गया है। इसमें होने वाली समस्त प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रम इसी थीम पर आधारित होंगे। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों में युवा महोत्सव के माध्यम से महाविद्यालय स्तर पर कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देना एवं प्रोत्साहित करना है। साथ ही उनमें राष्ट्रीय एकता , अपने क्षेत्र राज्य एवं देश की सांस्कृतिक विरासत को पहचानना एवं उसे संवर्धित करने के अवसर प्रदान करना। वास्तव में ऐसे कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को एक ऐसा सामूहिक अवसर एवं मंच प्रदान करना जहां वे अपनी संगीत, कलात्मक, रूपांकन, रंग मंचीय एवं साहित्यिक क्षमता व प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर सके। कार्यक्रम को मुख्य नियन्ताद्वय प्रो० अशोक कुमार मिश्र एवं डॉ बी के सिंह, छात्र कल्याण अधिकारी द्वय डॉ रविकुमार चौरसिया एवं डॉ संतोष कुमार ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन उप सचिव डॉ सुमधुर एवं उपाध्यक्ष डॉ नीता पाण्डेय ने किया। अंत में परिषद की सचिव डॉ सुरभि पाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में प्रो अनुराग मिश्र एवं प्रो अभिषेक दत्त त्रिपाठी को उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। महोत्सव के प्रथम दिन गायन और मेंहदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों द्वारा लोकगीत प्रस्तुत किए गए। मेंहदी प्रतियोगिता में छात्राओं ने ‘लोक कलाओं में श्रीराम’ थीम पर मेंहदी लगाई।
इस समारोह में परिषद् के सदस्य डॉ पूनम जोशी, डॉ निधि मिश्रा, डॉ बुशरा खातून, डॉ नीलम, डॉ रीता दूबे, डॉ अम्बरीष श्रीवास्तव, डॉ रमेन्द्र द्विवेदी, डॉ अखिलेश कुमार, डॉ बृजेश कुमार, डॉ छाया सिंह एवं डॉ पीयूष श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

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