इस साल कई बार ठप हुआ एक्स
- यह पहली बार नहीं है जब एक्स को ऐसे आउटेज का सामना करना पड़ा हो। इसी साल मई में भी भारत समेत कई देशों में प्लेटफॉर्म की सेवाएं प्रभावित हुई थीं। उस दौरान यूजर्स नई पोस्ट नहीं देख पा रहे थे और कई लोगों को अपने अकाउंट में लॉगिन करने में परेशानी हो रही थी। हजारों उपयोगकर्ताओं ने वेबसाइट, मोबाइल एप और लॉगिन पेज पर तकनीकी खामियों की शिकायत की थी।
- मई के उस आउटेज में करीब 41 प्रतिशत यूजर्स लॉगिन नहीं कर पा रहे थे। इतनी ही संख्या में लोगों ने एप से जुड़ी समस्याओं की भी रिपोर्ट की थी।
- इससे पहले फरवरी में एक्स को एक बड़े वैश्विक आउटेज का सामना करना पड़ा था, जिसका असर भारत, अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई देशों में देखने को मिला था। उस समय 25,000 से अधिक शिकायतें दर्ज हुई थीं। इनमें 53 प्रतिशत ऐप यूजर्स लॉगिन नहीं कर पा रहे थे, जबकि 16 प्रतिशत वेबसाइट यूजर्स ने भी दिक्कतों की सूचना दी थी।
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- पिछले वर्ष नवंबर में भी एक्स की सेवाएं कई देशों में प्रभावित हुई थीं। उस दौरान केवल एक्स ही नहीं, बल्कि क्लाउडफ्लेयर के इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर कई अन्य वेबसाइटों को भी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
बार-बार आउटेज के क्या मायने हैं?
डिजिटल दौर में एक्स सिर्फ बातचीत का मंच नहीं, बल्कि खबरों, कारोबार और सार्वजनिक चर्चा का बड़ा जरिया बन चुका है। ऐसे में बार-बार प्लेटफॉर्म का डाउन होना आम लोगों के साथ-साथ संस्थानों के लिए भी परेशानी का कारण बनता है। अगर भविष्य में ऐसे आउटेज जारी रहे, तो यह एक्स के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है और यूजर्स दूसरे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।