राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण रोकने के लिए लगाई गई ग्रैप-3 की सख्त पाबंदियों का भी कुछ असर नहीं दिख रहा है। दिल्ली में कई जगहों पर एक्यूआई 400 के पार दर्ज हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुबह 9 बजे तक के आंकडों के मुताबिक, बुराड़ी में 419, बदरपुर में 442, अलीपुर में 408, चांदनी चौक में 427, द्वारका सेक्टर-9 में 438, आईआईटी दिल्ली में 440, जवाहर लाल नेहरू स्टेडिय में 431 एक्यूआई दर्ज हुआ।
आज गंभीर स्थिति में पहुंचने की आशंका
एनसीआर के प्रमुख शहरों में से गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, बहादुरगढ़, हापुड़, खोड़ा और भिवाड़ी में हवा बहुत खराब रही। बल्लभगढ़ में यह गंभीर अवस्था में पहुंच गई, जहां शाम 7 बजे एक्यूआई 409 तक पहुंच गया।
गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत 19 शहरों में एक्यूआई 200 से 300 के बीच रही, जो खराब श्रेणी में आता है। दिवाली के जश्न, वाहनों के धुएं व पराली जलाने के चरम दौर पर समूचे दिल्ली-एनसीआर में हवा के गंभीर स्तर पर पहुंचने की प्रबल आशंका जताई गई है।
वाहनों के धुएं की हिस्सेदारी 21.4%
डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के मुताबिक, शनिवार को प्रदूषण में सबसे बड़ी हिस्सेदारी परिवहन क्षेत्र की रही, जो 21.4% दर्ज की गई। वहीं, पराली के धुएं की हिस्सेदारी 1.7% रही, जिसके रविवार को बढ़कर 5.4% होने का अनुमान है।
- उपग्रह आंकड़ों के अनुसार, छह राज्यों में शुक्रवार को पराली जलाने के 589 मामले सामने आए, जिनमें अकेले पंजाब से 357 घटनाएं थीं।
पीएम 2.5 की प्रमुखता बड़ी चिंता
एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-3) के तीसरे चरण की सख्त पाबंदियां हैं। इसमें बीएस 6 के अलावा अन्य श्रेणी के भारी वाहनों के परिचालन पर रोक है। निर्माण-तोड़फोड़ पर भी पूर्ण पाबंदी है। इसके बावजूद हवा में पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक के तौर पर मौजूद है। पीएम 2.5 कई गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं।








