उमा काश्वी ने बुधवार को कोच्चि में महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2027 सीजन के लिए हुई मिनी नीलामी के दौरान इतिहास रच दिया। कर्नाटक की रहने वाली उमा को दिल्ली कैपिटल्स ने नीलामी में उनके 10 लाख रुपये के आधार मूल्य पर टीम में शामिल किया। उमा इसके साथ ही डब्ल्यूपीएल इतिहास में नीलामी में बिकने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन गईं। उमा की उम्र 15 साल है और अब वह डब्ल्यूपीएल जैसे बड़े मंच पर अपना जलवा बिखेरते हुई नजर आएंगी।
काश्वी को लेकर शुरू हुई चर्चा
मिनी नीलामी में सोफी मोलिन्यूक्स सबसे ज्यादा कीमत पर बिकने वाली खिलाड़ी बनीं। मोलिन्यूक्स के लिए यूपी वारियर्स ने 1.10 करोड़ रुपये की बोली लगाई। मोलिन्यूक्स का आधार मूल्य 50 लाख रुपये था। भले ही नीलामी में ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स सर्वाधिक दाम पर बिकीं, लेकिन काश्वी ने इतिहास रचकर सुर्खियां बटोरी। भारतीय क्रिकेट में भविष्य की चर्चा उमा काशवी को लेकर भी शुरू हो गई है।
वैभव से मेल खाती है काश्वी की कहानी
उमा काश्वी का जन्म 9 अप्रैल 2011 को हुआ था। खास बात यह है कि उनका जन्म भारत की 2011 विश्व कप जीत के ठीक एक सप्ताह बाद हुआ था। अब 15 साल की उम्र में उन्होंने हरियाणा की दीया यादव का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दीया पिछले साल 16 साल की उम्र में दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा बनी थीं। काश्वी की यह उपलब्धि वैभव सूर्यवंशी की कहानी से मेल खाती है। वैभव का जन्म भी 2011 में ही हुआ था और उन्होंने बेहद कम उम्र में आईपीएल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया था। राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें सिर्फ 13 साल की उम्र में 1.10 करोड़ रुपये में खरीदकर सभी को चौंका दिया था। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए थे। अब डब्ल्यूपीएल में ये उपलब्धि काश्वी ने अपने नाम कर ली है। अब भारतीय क्रिकेट में एक दिलचस्प संयोग देखने को मिल रहा है। पुरुष क्रिकेट में 2011 बैच का चेहरा वैभव सूर्यवंशी बनकर उभरे हैं, जबकि महिला क्रिकेट में उमा काश्वी ने वही भूमिका निभानी शुरू कर दी है।
काश्वी का करियर
कर्नाटक के लिए काश्वी बतौर ऑलराउंडर खेलती हैं। उमा काश्वी दाएं हाथ की बल्लेबाज और ऑफ स्पिन गेंदबाज हैं। हाल ही में उन्होंने बीसीसीआई विमेंस अंडर-15 टूर्नामेंट में 172 के शानदार औसत से 516 रन बनाने के बाद सुर्खियां बटोरी थीं। इस प्रदर्शन में एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था। उन्होंने कर्नाटक की अंडर-15 टीम की कप्तानी की और महारानी ट्रॉफी में बेंगलुरु ब्लास्टर्स की कमान संभाली है।
कितनी उम्र से खेलना शुरू किया क्रिकेट
काश्वी ने सात साल की उम्र में अपने घर के करीब एक अकादमी में दाखिला लिया और क्रिकेट का कहकरा सीखना शुरू किया। वह लगातार सफलता की सीढ़िंयां चढ़ती गईं और महज 15 साल की उम्र में महिला प्रीमियर लीग में एंट्री करके इतिहास रच दिया है। फिलहाल काश्वी कर्नाटक अंडर 19 टीम का हिस्सा हैं।








