पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या में उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) को संदेह है कि हत्या की साजिश एक से डेढ़ महीने पहले रची गई। जांच एजेंसियां हत्याकांड के मास्टरमाइंड की तलाश कर रही हैं।
यूपी और बिहार से तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में उत्तर प्रदेश के बलिया से राज सिंह और बिहार के बक्सर से मयंकराज मिश्रा और विक्की मौर्य को रविवार को पकड़ा गया। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों में से एक पेशेवर शूटर है। पुलिस तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर बंगाल लाई और सोमवार को उत्तर 24 परगना की बारासात कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 13 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एफआईआर में सबूत नष्ट करने की धारा भी जोड़ी गई है।
रेकी के बाद वारदात को दिया गया अंजाम
अधिकारियों के मुताबिक, बेहद पेशेवर तरीके से रची साजिश के तहत हमलावरों ने वारदात से पहले चंद्रनाथ की रेकी की और अपनी पहचान छिपाने के लिए सावधानियां बरतीं। साजिश व हत्या में आठ लोग शामिल थे। छह मई की रात मध्यमग्राम के दोहरिया में चंद्रनाथ की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बताया कि तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की मदद से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
टोल प्लाजा पर भुगतान से सुराग
इस हत्या में इस्तेमाल कार झारखंड से लाई गई थी। कार बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी, जहां टोल ऑनलाइन यूपीआई के जरिये चुकाया गया था। इसी डिजिटल भुगतान से मिले मोबाइल नंबर और तकनीकी सुरागों से पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।







