अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज से पार हो रहे टैंकर, पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण शांति
अमेरिका और ईरान के बीच हवाई हमलों के बावजूद पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण शांति बरकरार है। ईरान ने कई जगहों पर हमले का दावा किया है, लेकिन अमेरिका ने हमले करने से इनकार किया है। जिससे लग रहा है कि दोनों पक्ष भले ही एक दूसरे पर हवाई हमले कर युद्धविराम तोड़ चुके हैं, लेकिन अभी भी पूरी तरह से लड़ाई नहीं छिड़ी है और दोनों ही पक्ष अब अपनी तरफ से शांति बरतने की कोशिश कर रहे हैं।
होर्मुज में भी स्थिति तनावपूर्ण लेकिन सामान्य बनी हुई है और होर्मुज से तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही जारी है। 7 से 9 जुलाई के बीच जापान के ही 22 टैंकर होर्मुज से निकले हैं। इनके अलावा कई अन्य देशों के टैंकर भी सामान्य रूप से होर्मुज से गुजरे हैं। इससे पता चलता है कि होर्मुज पर ईरान ने नाकेबंदी नहीं की है, जैसा कि उसने चेतावनी दी थी।
ईरान ने कहा उसके दक्षिणी इलाके को निशाना बनाया गया, अमेरिका ने हमले से किया इनकार
ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उसके दक्षिणी राज्य बुशहर में सैन्य मुख्यालय को निशाना बनाया गया है। वहीं अमेरिका ने हमले की बात से इनकार किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति को मारने की योजना बना रहा ईरान, इस्राइल के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बड़ा दावा
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि इस्राइल ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बताया कि उनके पास खुफिया जानकारी है कि ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है। हालांकि अमेरिका या ईरान की सरकार की तरफ से इन रिपोर्ट को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि वॉशिंगटन पूर्व में दावा कर चुका है कि ईरान ने कई बार ट्रंप को मारने की कोशिश की। हाल ही में अंकारा में आयोजित नाटो सम्मेलन में भी ट्रंप ने ईरान से अपनी जान को खतरा बताया था।
लेह में शिया समुदाय ने अयातुल्ला अली खामेनेई को दी श्रद्धांजलि
लेह में शिया समुदाय के सदस्यों ने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। जिनकी 28 फरवरी को ईरान पर इजरायली और अमेरिकी हवाई हमलों के दौरान मृत्यु हो गई थी। अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम नमाज-ए-जनाजा (अंतिम संस्कार की प्रार्थना) आज उनके गृह नगर मशहद, ईरान के इमाम रजा दरगाह में संपन्न हुई।
प्रशंसकों ने किया प्रतीकात्मक समारोह का आयोजन
लेह के मजलिस-ए-उलेमा (उलेमा समिति) के अध्यक्ष शेख जैनुल आबिदीन ने दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आज उस महान और पूजनीय व्यक्तित्व को अंतिम विदाई दी जा रही है। लेह में उनके प्रशंसकों और समर्पित अनुयायियों ने एक प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार समारोह का आयोजन किया है। शेख जैनुल आबिदीन ने बताया कि चूंकि हम सीधे तौर पर ईरान में हुए अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकते थे, इसलिए हमने यहां यह प्रतीकात्मक व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि आज उत्पीड़ितों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले नेता और मार्गदर्शक हमारे बीच नहीं रहे। लेकिन यह अंत नहीं है। जहां एक नेता गए हैं, वहीं अब हजारों अन्य नेता उभर कर सामने आए हैं।





