West Asia- अमेरिका के 30+ वॉटर सिस्टम निशाने पर, मिस्र पर पहली चोट, ईरान ने 2 गैस जहाज तबाह किए?

ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध का दायरा अब मिस्र तक पहुंच गया है। मिस्र सरकार ने बृहस्पतिवार को पुष्टि की कि दमियाता बंदरगाह पर बुधवार को प्राकृतिक गैस से जुड़े दो जहाजों में लगी आग किसी तकनीकी खराबी का नतीजा नहीं, बल्कि ड्रोन हमला इसकी वजह थी। इस घटना के बाद आशंका जताई जा रही है कि पश्चिम एशिया का यह संघर्ष अब समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख मार्गों तक फैल गया है।

 

अमेरिका के संघर्ष रोकने के बाद भी ईरान ने फिर हमला क्यों किया?

ईरान की रणनीति में क्या बदलाव आया है? जर्मनी के इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल एंड सिक्योरिटी अफेयर्स के शोधकर्ता हमीद रजा अजीजी के मुताबिक, ईरान अब संभावित खतरा महसूस होने पर पहले हमला करने की नीति अपना रहा है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की व्हाइट हाउस में मुलाकात के तुरंत बाद ईरान का हमला इसी रणनीति का संकेत माना जा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे बड़ा मुद्दा क्यों बन गया है? ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक ताकत का अहम हिस्सा है। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि यदि इस जलमार्ग पर ईरान के प्रभाव को कमजोर करने या ओमान और अमेरिका की मदद से वैकल्पिक समुद्री मार्ग विकसित करने की कोशिश हुई तो तेहरान फिर कार्रवाई करेगा। संघर्ष अब केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया पर हमला किया है। जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले हुए, जबकि सऊदी अरब को इराक समर्थित समूहों और यमन के हूती विद्रोहियों से भी खतरा बना हुआ है। इससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है।

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युद्ध का बढ़ता दायरा ट्रंप के गले की फांस बनता जा रहा

फरवरी 2026 में ईरान पर हवाई हमलों की शुरुआत के समय राष्ट्रपति ट्रंप बड़े गर्व के साथ दावा किया था कि यह जंग चार-छह हफ्तों में खत्म हो जाएगी। लेकिन अब पश्चिम एशिया के अपेक्षाकृत शांत देश मिस्र के गैस टैंकर पर हमले के बाद एक बात साफ है कि यह जंग फिलहाल थमने वाली नहीं है, और इसका दायरा भी बढ़ता जा रहा है। यह बड़बोले ट्रंप के लिए गले की फांस बनती जा रही है।

अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर की बमबारी

अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने जॉर्डन में अपने सैन्य अड्डे पर हुए ईरानी मिसाइल हमले के जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के दर्जनों ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। इन हमलों में सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ तटीय निगरानी और रक्षा केंद्रों को भी निशाना बनाया गया। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित किश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले में एक दंपती और उनके 2 साल के बच्चे की मौत हो गई।

पहली बार मिस्र पर हमला

ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध का दायरा अब मिस्र तक पहुंच गया है। मिस्र सरकार ने बृहस्पतिवार को पुष्टि की कि दमियाता बंदरगाह पर बुधवार को प्राकृतिक गैस से जुड़े दो जहाजों में लगी आग किसी तकनीकी खराबी का नतीजा नहीं, बल्कि ड्रोन हमला इसकी वजह थी। इस घटना के बाद आशंका जताई जा रही है कि पश्चिम एशिया का यह संघर्ष अब समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख मार्गों तक फैल गया है। वहीं, कुवैत में ईरानी हमले में चीन की एक कंपनी की इमारत को निशाना बनाया गया। हमले में इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और एक कर्मचारी की मौत हो गई।

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रिपोर्टों के मुताबिक ड्रोन ने अमेरिकी कंपनी के प्राकृतिक गैस भंडारण जहाज एनरगोस विंटर को निशाना बनाया। इसके बाद आग पास में खड़े ग्रीस के गैस टैंकर गैसलॉग सलेम तक फैल गई। दमकल कर्मियों ने कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

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