दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर कई राज्यों में सक्रिय होने जा रहा है। इसके असर से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के 15 से अधिक राज्यों में 8 सितंबर से भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। बिहार और ओडिशा जैसे पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और कुछ जगहों पर बिजली भी गिर सकती है।
मौसम में इस बदलाव से बिहार में हालात और बिगड़ सकते हैं, जहां पहले से ही 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और 29.13 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य में सितंबर में अब तक सामान्य से 55 फीसदी अधिक 69.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पटना में गांधी घाट और हाथीदह पर गंगा नदी के जलस्तर के उच्चतम बाढ़ स्तर तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने गंगा के निचले इलाकों में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सोमवार को मौसम साफ रहा, शिमला में शाम के वक्त हल्की बारिश हुई। कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। प्रदेश में अब भी 59 सड़कें आवाजाही के लिए बंद रहीं। कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बाधित हुई हैं।
पूर्वी भारत में गरज और चमक के साथ पड़ेंगी बौछारें
आईएमडी के अनुसार, अगले चार-पांच दिनों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार यानी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, पूर्वी मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी भारत के ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। झारखंड के सरायकेला-खरसवान जिले में बिजली गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं





