मौसम ने बदला मिजाज- आंधी-बारिश से कई राज्यों में गिरा तापमान, वज्रपात और तेज हवाओं से अलर्ट जारी

देश के कई हिस्सों में मौसम ने यूटर्न ले लिया है। पंजाब से लेकर छत्तीसगढ़ तक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है, जबकि तापमान में भी लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में शनिवार को लगातार पांचवें दिन हिमपात जारी रहा। राजस्थान में भी बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

 

मौसम विभाग के ताजा ब़ुलेटन में देश के पूर्वी, मध्य और उत्तरपूर्वी हिस्सों में मौसम की गतिविधियों में तेजी आने का संकेत दिया गया है। साथ ही भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 से 24 मार्च के बीच बारिश होने की संभावना है। गंगा के मैदानी क्षेत्र पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान आने की आशंका है, जबकि ओडिशा में 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ-साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत से मध्य भारत तक फैला हुआ है, जो पंजाब से उत्तर छत्तीसगढ़ तक ट्रफ के रूप में विस्तारित है। इसके साथ ही ऊपरी हवाओं में चक्रवाती परिसंचरण और लगभग 12.6 किमी की ऊंचाई पर 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही जेट स्ट्रीम मौसम को और अधिक अस्थिर बना रही है। इसका असर देश के बड़े हिस्से में देखने को मिल रहा है, जहां बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की गतिविधियां तेज हो गई हैं। 

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पूर्व और पूर्वोत्तर भारत : भारी बारिश और आंधी का खतरा
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय बना हुआ है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 22 से 24 मार्च के बीच भारी बारिश का अनुमान है। 40 से 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल में आंधी की रफ्तार 60 से 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि ओडिशा में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ ओलावृष्टि की आशंका है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। वहीं, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है।

दक्षिण भारत : बारिश के साथ उमस का असर
दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक में 22–23 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं। वहीं, केरल, कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।

पश्चिम भारत : मराठवाड़ा में बूंदाबांदी
मराठवाड़ा क्षेत्र में 22, 23 और 24 मार्च को हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है, जहां 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में होगी बारिश
आईएमडी के ताजा अपडेट के अनुसार पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा। इन राज्यों में 22–23 मार्च के बीच हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिससे हल्की ठंड बढ़ेगी, लेकिन इसके बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होने के साथ तापमान में फिर बढ़ोतरी शुरू हो सकती है।

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