War: ईरान का दूसरे दौर की वार्ता में शामिल होने से इनकार, राष्ट्रपति ट्रंप ने दी तबाही की धमकी

Spread the love

मेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी दल के आज इस्लामाबाद पहुंचने का कार्यक्रम है। लेकिन ईरान ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ईरान के रुख से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज हो गए हैं और उन्होंने ईरान को धमकी दी है।

 

ट्रंप ने ईरान को दी धमकी
अमेरिका के साथ भारी तनाव के बीच ईरान ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में मंगलवार को होने वाली दूसरे दौर की सीधी बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ईरान ने कहा, उसका प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान नहीं जाएगा। इस वार्ता की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी। उन्होंने कहा, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पाकिस्तान पहुंचेगा। ट्रंप ने ईरान को सख्त धमकी भी दी, यदि युद्ध रोकने पर समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।

ईरान ने बैठक में शामिल होने से क्यों किया इनकार?
ईरानी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक, अमेरिका की बहुत ज्यादा मांगों, अवास्तविक अपेक्षाओं, रुख में लगातार बदलाव, विरोधाभासी बयानों व होर्मुज की नौसैनिक नाकाबंदी के कारण ईरान ने वार्ता में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।  ईरान के सख्त रुख के बाद वार्ता रद्द होती दिख रही है। हालांकि, मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान व अन्य देशों की कोशिशें जारी हैं।

भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की घटना को लेकर ट्रंप ने कहा, ‘ऐसा कर ईरान ने युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन किया है, फिर भी मुझे लगता है कि मैं शांति समझौता करा सकता हूं। यह होकर रहेगा।’ ट्रंप ने कहा, ‘हम ईरान के सामने बहुत ही निष्पक्ष और उचित समझौता पेश कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि वे इसे स्वीकार करेंगे। अब नरमी नहीं बरती जाएगी। ईरान ने शर्तें नहीं मानीं, तो उसके पुल व बिजली संयंत्र नष्ट कर देंगे।’ इससे पहले, व्हाइट हाउस ने बताया, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फिर उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे और इसमें विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर टीम में शामिल रहेंगे।

हमारी धमकी पर 15 मिनट में पीछे हट गए अमेरिकी माइनस्वीपर : गालिबाफ
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ ने कहा, होर्मुज पूरी तरह हमारे नियंत्रण में है। बारूदी सुरंग हटाने (माइनस्वीपर) के अमेरिकी प्रयासों को हम युद्धविराम का उल्लंघन मानते हैं।
गालिबाफ ने कहा, पिछली वार्ता में मैंने अमेरिकी दल से कहा, अगर माइनस्वीपर आगे बढ़ा, तो हम उस पर गोली चला देंगे। उन्होंने वापस लौटने का आदेश देने के लिए 15 मिनट का समय मांगा और फिर ऐसा ही किया।

और पढ़े  नीट यूजी पुनर्परीक्षा- कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई नीट यूजी पुनर्परीक्षा, लगभग 22.79 लाख अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा

परमाणु अधिकार से रोकने वाले ट्रंप कौन होते हैं?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपने एक अहम बयान में कहा है ‘ट्रंप कहते हैं कि ईरान अपने परमाणु अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकता। किसी राष्ट्र को उसके परमाणु हक से वंचित करने का अधिकार उन्हें किसने दिया है?

अमेरिका के पांच जेट इस्लामाबाद पहुंचे
प्रस्तावित वार्ता से पहले रविवार को ही अमेरिका के पांच जेट इस्लामाबाद पहुंचे गए। प्रतिनिधिमंडल को लेकर पांच विमान सोमवार को पहुंचने वाले हैं। संभावित बैठक को देखते हुए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।


Spread the love
  • Related Posts

    आपातकाल के 51 साल- हाईकोर्ट का एक फैसला कैसे बना आपातकाल की बड़ी वजह? इसी ने इंदिरा के करियर पर लगाया था सबसे बड़ा दाग

    Spread the love

    Spread the love25 जून 1975 की रात भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की सबसे विवादास्पद रातों में से एक मानी जाती है। इसी रात तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सिफारिश पर…


    Spread the love

    West Asia- मार्को रुबियो का बयान- ‘ईरान से बातचीत में खाड़ी देशों के हितों की रक्षा करेगा अमेरिका’

    Spread the love

    Spread the love ईरान में स्कूल पर किसने मिसाइल हमला किया, स्पष्ट नहीं: ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में अमेरिका की…


    Spread the love