गैंगस्टर विक्रम शर्मा के पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों के पैनल को गोलियां ढूंढने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब साढ़े छह घंटे तक चले पोस्टमार्टम के बाद गोलियां बाहर निकल पाईं।
गैंगस्टर विक्रम शर्मा के पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों के पैनल को गोलियां ढूंढने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब साढ़े छह घंटे तक चले पोस्टमार्टम के बाद गोलियां बाहर निकल पाईं।
शेष दो गोलियां सिर में ही धंसी थीं। डॉक्टरों की टीम ने जब उन्हें खोजने की कोशिश की तो एक गोली तो मिल गई लेकिन दूसरी नहीं मिल रही थी। इसके बाद पैनल की ओर से सिर का सीटी स्कैन करवाया गया। करीब साढ़े छह घंटे बाद दूसरी गोली मिल सकी।
पोस्टमार्टम दोपहर बाद करीब चार शुरू होकर रात साढ़े 10 बजे तक चला। इसमें डॉक्टरों के पैनल के साथ फॉरेंसिक एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया था। सूत्रों का कहना है कि विक्रम के पोस्टमार्टम का विसरा कहीं पर भी सुरक्षित नहीं किया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि उसकी मौत का कारण स्पष्ट था।
Spread the loveदशकों से जर्जर पड़ी जमरानी बांध परियोजना की नहरों पर अब विकास की बौछार होने वाली है। राज्य सरकार ने इन नहरों के कायाकल्प के लिए 300 करोड़…
Spread the loveमुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी…

