प्रदेश में आपदा ने भारी तबाही मचाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आपदाग्रस्त क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंच रहे हैं। वह प्रभावितों से भी मिलेंगे। प्राकृतिक आपदा से 5700 करोड़ से अधिक का नुकसान का आकलन किया गया। प्राकृतिक आपदा से एक अप्रैल, 2025 से 31 अगस्त, 2025 तक 79 व्यक्तियों की मौत हुई है, 115 लोग घायल हुए हैं, व 90 लापता हैं।
शहरी विकास को चार करोड़ का नुकसान
उत्तराखंड में इस साल प्राकृतिक आपदा से लोक निर्माण विभाग एवं सार्वजनिक सड़कों को लगभग 1163.84 करोड़ रुपये सिंचाई विभाग की परिसम्पत्तियों को 266.65 करोड़, ऊर्जा विभाग को 123.17 करोड़, स्वास्थ्य, विभाग की परिसम्पत्तियों को लगभग 4.57 करोड़, विद्यालयी शिक्षा विभाग की परिसम्पत्तियों को 68.28 करोड़, उच्च शिक्षा विभाग की परिसम्पत्तियों को 9.04 करोड़, मत्स्य विभाग को 2.55 करोड़, ग्राम्य विकास विभाग को 65.50 करोड़, शहरी विकास को चार करोड़, पशुपालन विभाग को 23.06 व अन्य विभागीय परिसम्पत्तियों को 213.46 करोड़ का नुकसान हुआ है, इस तरह सभी राजकीय विभागों को कुल लगभग 1944.15 करोड़ रुपए की सीधे तौर पर क्षति हुई है। इन परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए 1944.15 करोड़ रुपये की मांग की गई।
आज देहरादून पहुंच रहे हैं प्रधानमंत्री, आपदाग्रस्त क्षेत्रों का लेंगे जायजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तराखंड के आपदाग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद उच्चस्तरीय बैठक होगी, जिसमें आपदा से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा होगी। पीएम मोदी एक के बाद एक लगातार तीन बैठक करेंगे।
केदारनाथ के बाद इस साल राज्य में सबसे अधिक आपदाएं आईं। इस कारण सरकारी संस्थानों की ही करीब 1900 करोड़ की संपत्तियां नष्ट हो गईं। बड़े पैमाने पर गांवों को नुकसान हुआ है। जनहानि के साथ पशुहानि भी हुई है। आपदाओं, बारिश के कारण कई क्षेत्रों में भू-धंसाव जारी है। इस नुकसान के मद्देनजर राज्य सरकार ने 5702 करोड़ रुपये की राहत राशि केंद्र से मांगी है, जिसके लिए केंद्रीय टीम भी निरीक्षण करके जा चुकी है।







