अध्यक्ष भट्ट ने स्पष्ट कहा कि पार्टी में इस बार केवल जीतने की क्षमता ही टिकट का एकमात्र पैमाना होगी। दायित्वधारियों और वर्तमान पदाधिकारियों के चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए भट्ट ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं को सरकार में दायित्व दिए गए हैं, उनका प्राथमिक लक्ष्य पार्टी को चुनाव जिताना होना चाहिए।
दो-टूक कहा कि अनावश्यक टिकट की दावेदारी कर विवाद की स्थितियां उत्पन्न करने पर ब्रेक लगना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि सर्वे में किसी दायित्वधारी का चेहरा ही जीत का सबसे बड़ा आधार पाया जाता है तो पार्टी उसे प्रत्याशी बनाने से गुरेज नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हमने 23 विधानसभाओं को केंद्रित किया है, जहां हम पिछले चुनाव नहीं जीत पाए थे। हम प्रत्याशियों के चयन के लिए पांच सर्वे कराएंगे। जीत ही आधार होती है और जीतने वाले को ही प्रत्याशी बनाया जाएगा।
मार्च में हो सकता है कैबिनेट विस्तार
लंबे समय से खाली चल रहे कैबिनेट के पदों और नए दायित्वों के बंटवारे पर भट्ट ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का मंत्रिमंडल विस्तार एक साथ होने की चर्चा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मार्च में उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार हो सकता है, जिससे मंत्रियों के पांच रिक्त पदों को भरा जा सकेगा। यह भी खुलासा किया कि दायित्वधारियों की एक नई सूची जल्द ही केंद्र से फाइनल होकर आने वाली है।