देहरादून: जेल का रंग, कैदियों ने वैज्ञानिकों से सीखा था हर्बल रंग बनाना, नाच-गाने के साथ जश्न

 

 

सुद्धोवाला जेल के कैदी खुद के बनाए हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे। होली से पूर्व उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी के वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण दिलवाया गया था। इतना ही नहीं बुधवार को कैदियों को गुजिया, पूड़ी, सब्जी, हलवा और खीर समेत कई स्पेशल व्यंजन भी परोसे जाएंगे।

होली पर्व पर कैदियों को अपने घर की कमी महसूस न हो इसके लिए जेल प्रशासन की ओर से कई इंतजाम किए गए हैं। खाने के लिए स्पेशल व्यंजनों के साथ ही जश्न के लिए नाचने और गाने का भी इंतजाम किया गया है। जो कैदी नाचने और गाने के शौकीन हैं उनके लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। जो भी कैदी बेहतर प्रस्तुति देंगे, उन्हें पुरस्कार भी दिया जाएगा। पुरस्कार की राशि जेल में खोले गए उनके बैंक खाते में डाली जाएगी।

गौरतलब है कि वर्तमान में सुद्धोवाला जेल में करीब 900 कैदी हैं। उनमें कौशल विकसित करने के लिए वैसे तो कई तरह के प्रशिक्षण दिए जाते हैं, लेकिन होली के दृष्टिगत उन्हें हर्बल रंग बनाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। उन्हें अरारोट और अलग-अलग रंगों को मिलाकर हर्बल रंग तैयार करना सिखाया गया है। जेल के अंदर होली खेलने के लिए कैदियों ने भारी मात्रा में रंग तैयार किया है।

घरवालों से कर सकेंगे बात

होली पर्व के दौरान कैदी अपने घरों पर बातकर हाल-चाल जान सकेंगे। जेल प्रशासन की ओर से उनको यह छूट त्योहार को ध्यान में रखते हुए दी गई है। आमतौर पर त्योहारों पर कैदी अपने घरवालों की कमी को महसूस करते हैं। उनमें मायूसी न आए इसके लिए जेल प्रशासन पूरा ध्यान रख रहा है। यही कारण है कि होली के जश्न के दौरान जेल के आला अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहते हैं। कैदी और अधिकारियों आपस में एक-दूसरे को रंग लगाएंगे।

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कैदियों के बनाए रंग वसंत उत्सव में भी बेचे गए थे

हाल ही में लोक भवन में संपन्न हुए वसंत उत्सव में भी सुद्धोवाला जेल के कैदियों के हाथों बनाए गए हर्बल रंग की बिक्री गई थी। इसके अलावा अन्य कई वस्तुएं भी बेची गई थीं। अधिकारियों के मुताबिक कैदियों ने वसंत उत्सव में स्टाल लगाकर 1.19 लाख रुपये की बिक्री की थी। इस दौरान उनके रंगों को खूब सराहा गया था।

 

इस बार कैदियों के बनाए गए हर्बल रंगों से होली खेली जाएगी। इतना ही नहीं होली पर कैदियों को अकेलापन महसूस न हो इसके लिए नाचने और गाने के कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है। – दधिराम मौर्या, डीआईजी, जेल

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