उत्तराखंड : चंपावत सदर के SDM (एसडीएम) अनिल चन्याल अचानक हुए लापता,पुलिस की 3 टीमें जुटी तलाश में |

चंपावत सदर के एसडीएम अनिल चन्याल रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। आवास और कार्यालय में मौजूद न होने के कारण प्रशासन की ओर से सोमवार शाम कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी गई है। पुलिस और प्रशासन की तीन टीमें उनकी खोजबीन में जुटी हैं। बताया जा रहा है कि एसडीएम ने 15 दिन की छुट्टी के लिए आवेदन किया था लेकिन उनका अवकाश मंजूर नहीं हुआ था। उनके दफ्तर में एक पर्ची मिली है जिस पर लिखा हुआ है, ‘मेरा सरकारी फोन जमा कर दें’।

पिथौरागढ़ जिले के गणाई गंगोली के भिगड़ी गांव के मूल निवासी अनिल चन्याल यहां अकेले रहते हैं। उनका परिवार हल्द्वानी में रहता है। चन्याल सोमवार सुबह अपने कार्यालय नहीं पहुंचे। आवास में भी ताला लटका मिला। निजी और सरकारी कार भी अस्पताल परिसर में पार्क हैं। एसडीएम को कलक्ट्रेट में स्वच्छता से संबंधित रिपोर्ट देनी थी। रिपोर्ट न मिलने के बाद डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने जानकारी ली तो एसडीएम के निजी और सरकारी दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले।

एसडीएम कार्यालय और उसी परिसर में स्थित तहसील कार्यालय के कर्मियों को भी एसडीएम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर पूरी जानकारी ली लेकिन कोई पता न चला। इसके बाद डीएम के निर्देश पर एसडीएम कार्यालय में तैनात पीआरडी जवान रमेश कुमार ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

शनिवार दोपहर बाद से नहीं हुआ संपर्क
एसडीएम चन्याल 10 सितंबर को पंत जयंती के कार्यक्रम में मौजूद थे लेकिन उसी दिन दोपहर बाद से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। 10 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और रविवार अवकाश होने से कार्यालय भी बंद थे। इसलिए अभी यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि वे यहां से कब और कहां गए। चन्याल चंपावत में सितंबर 2021 से तैनात हैं। पांच साल पहले भी वह टनकपुर और पाटी में इसी पद पर रह चुके हैं।

और पढ़े  क्या है 'हनुमान अंश' वाले बाबा नीम करौली की असली कहानी, कौन थे ये संत...

ट्रैकिंग एंड लॉंग ड्राइवर इज ऑलसो ए पीस ऑफ माइंड…
एसडीएम चन्याल सोशल मीडिया में खासे सक्रिय रहते हैं उनकी आखिरी फेसबुक पोस्ट नौ सितंबर को साढ़े नौ बजे की है। इसमें उन्होंने लिखा है ट्रैकिंग एंड लोंग ड्राइवर इज ऑलसो ए पीस ऑफ माइंड…।

गुमशुदगी दर्ज कराने वाले जवान ने चुप्पी साधी
कोतवाली में एसडीएम की गुमशुदगी की तहरीर देने वाले पीआरडी जवान रमेश कुमार ने एसडीएम के आवास पर ताला देखा था। इसकी जानकारी उन्होंने एसडीएम कार्यालय के अन्य कर्मियों को दी लेकिन रमेश कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। बस इतना कहते हैं कि 10 सितंबर को दोपहर के बाद से वह अपने घर चले गए थे और सोमवार सुबह आने पर एसडीएम आवास में ताला लटका देखा।

खोजबीन में जुटी हैं तीन टीमें
1.कोतवाल योगेश उपाध्याय के नेतृत्व में चंपावत की पुलिस टीम।
2.उप निरीक्षक मनीष खत्री के नेतृत्व में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम।
3.उप निरीक्षक राम सिंह बोहरा के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम।

तत्काल छुट्टी नहीं मिलने से तो नाराज नहीं चन्याल
एसडीएम अनिल चन्याल के रहस्यमय ढंग से गायब होने से कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर ऐसी क्या वजह थी कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक अफसर को इस तरह का व्यवहार करना पड़ा। काम की अधिकता की वजह से मानसिक शांति का जिक्र उनकी एक फेसबुक पोस्ट में झलकता है।
सितंबर 2021 से चंपावत जिले में तैनात चन्याल ने 15 दिन के अवकाश के लिए आवेदन किया था लेकिन उन्हें तत्काल छुट्टी नहीं मिली। इसकी वजह मानसून काल में सामान्य रूप से छुट्टियों पर लगी रोक बताया गया। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि एसडीएम अनिल चन्याल ने 15 दिन के लिए छुट्टी के लिए आवेदन किया था। उन्हें मानसून काल बीतने पर 15 सितंबर बाद से छुट्टी पर जाने की अनुमति दी गई थी लेकिन वे तत्काल छुट्टी चाहते थे। मानसून काल में अवकाश पर लगी रोक और प्रशासन के कामकाज की वजह से उन्हें तत्काल छुट्टी नहीं दी गई। डीएम ने बताया कि पिछले माह एसडीएम चन्याल को पांच दिन की स्टेशन लीव दी गई थी।

  • Related Posts

    बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला: सुप्रीमकोर्ट का फैसला फिर टला, नई तारीख शाम को होगी पुष्ट

    हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला एक बार फिर टल गया है। याचिकाकर्ता अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई आगे…

    हल्द्वानी: सुप्रीम फैसले से पहले बनभूलपुरा में सड़कों से छतों तक पुलिस का पहरा, ड्रोन से निगरानी, सुनवाई कल

    हल्द्वानी में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना सकती है। इसे लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। करीब 500 पुलिसकर्मी और पीएसी जवान…