हरिद्वार नगर से पांच बार के विधायक मदन कौशिक की चुनावी बिसात बिछाने में महारत है। वहीं तीन बार के विधायक प्रदीप बत्रा भी पैठ बनाने में माहिर हैंं। मदन कौशिक के जरिए मैदानी क्षेत्र व ब्राह्मण मतदाताओं को और प्रदीप बत्रा के जरिये रुड़की से लगे क्षेत्र और व्यापारी वर्ग को साधा जाएगा।
भाजपा ने सात दर्जाधारियों को जगह देकर स्पष्ट कर दिया था कि 2027 के चुनाव में जिले में राजनीतिक समीकरण बदलना है। इन दर्जाधारियों में ओमप्रकाश जमदग्नि, डॉ. जयपाल सिंह, सुनील सैनी, शोभाराम प्रजापति, श्यामवीर सैनी, देशराज कर्णवाल और अजीत कुमार अपने क्षेत्रों में पहले से ही सक्रिय रहे हैं। अब दो मंत्री हरिद्वार और रुड़की में पार्टी को आठ विधानसभा क्षेत्रों में संजीवनी देने का काम करेंगे।
वर्ष 2017 में थीं आठ सीटें, 22 में रह गईं तीन
वर्ष 2012 में भाजपा को जिले में पांच सीटेंं मिली थीं। इसके बाद वर्ष 2017 में आठ सीटों तक बढ़त बनाई लेकिन वर्ष 2022 में करारा झटका लगा और महज तीन सीटें बचीं। छह सीटें कांग्रेस को मिली, बसपा को दो और एक निर्दलीय उमेश कुमार खानपुर से जीते। इसके बाद मंगलौर सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा को हार मिली सीट कांग्रेस के खाते में चली गई। सत्ता में रहते उपचुनाव का हारना भी भाजपा के लिए बड़ा झटका था। यहीं से संगठन और सत्ता ने मन बना लिया कि हरिद्वार में खोई जमीन को फिर से हासिल करना है।