उत्तराखंड- 2 कैबिनेट मंत्री हरिद्वार में पार्टी को देंगे संजीवनी, 2022 में मिली थी कम सीटें, अब ज्यादा फोकस

Spread the love

र्ष 2022 के चुनाव में जिले की आठ विधानसभा सीटों पर मिली शिकस्त को भाजपा ने गंभीरता से लिया है। इसका संकेत हैं पहले गृहमंत्री अमित शाह की रैली होना और फिर धामी मंत्रिमंडल विस्तार में दो विधायकों को मंत्री बनाना। इसके अलावा जिले के सात दर्जाधारियों को दायित्व सौंपकर हारी हुई सीटों को जीतने की तैयारी शुरू कर दी है।

 

हरिद्वार नगर से पांच बार के विधायक मदन कौशिक की चुनावी बिसात बिछाने में महारत है। वहीं तीन बार के विधायक प्रदीप बत्रा भी पैठ बनाने में माहिर हैंं। मदन कौशिक के जरिए मैदानी क्षेत्र व ब्राह्मण मतदाताओं को और प्रदीप बत्रा के जरिये रुड़की से लगे क्षेत्र और व्यापारी वर्ग को साधा जाएगा।

भाजपा ने सात दर्जाधारियों को जगह देकर स्पष्ट कर दिया था कि 2027 के चुनाव में जिले में राजनीतिक समीकरण बदलना है। इन दर्जाधारियों में ओमप्रकाश जमदग्नि, डॉ. जयपाल सिंह, सुनील सैनी, शोभाराम प्रजापति, श्यामवीर सैनी, देशराज कर्णवाल और अजीत कुमार अपने क्षेत्रों में पहले से ही सक्रिय रहे हैं। अब दो मंत्री हरिद्वार और रुड़की में पार्टी को आठ विधानसभा क्षेत्रों में संजीवनी देने का काम करेंगे।

वर्ष 2017 में थीं आठ सीटें, 22 में रह गईं तीन

वर्ष 2012 में भाजपा को जिले में पांच सीटेंं मिली थीं। इसके बाद वर्ष 2017 में आठ सीटों तक बढ़त बनाई लेकिन वर्ष 2022 में करारा झटका लगा और महज तीन सीटें बचीं। छह सीटें कांग्रेस को मिली, बसपा को दो और एक निर्दलीय उमेश कुमार खानपुर से जीते। इसके बाद मंगलौर सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा को हार मिली सीट कांग्रेस के खाते में चली गई। सत्ता में रहते उपचुनाव का हारना भी भाजपा के लिए बड़ा झटका था। यहीं से संगठन और सत्ता ने मन बना लिया कि हरिद्वार में खोई जमीन को फिर से हासिल करना है।

और पढ़े  तेलंगाना के सूर्यापेट में सड़क हादसा, 6 लोगों की मौत,कई लोग घायल, 43 यात्री थे सवार

दर्जाधारियों और मंत्रियों के चयन में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण

प्रदेश सरकार दायित्वधारी पद भी जातीय और क्षेत्रीय समीकरण का संतुलन बनाने के उद्देश्य से दिए हैं। रुड़की में श्यामवीर सैनी, शोभाराम प्रजापति और अजीत चौधरी के जरिए तीन विधानसभाओं रुड़की नगर, मंगलौर को साधने की कोशिश होगी। वहीं, अनुसूचित समाज के देशराज कर्णवाल को राज्य मंत्री पद देकर झबरेड़ा फतह करने का प्रयास होगा। मंगलौर में अब प्रदीप बत्रा की सक्रियता होगी। जातीय समीकरण में श्यामवीर सैनी, सुनील सैनी के साथ राज्यसभा सांसद के रूप में कल्पना सैनी इस समाज की बहुलता को साधेंगे। वहीं पिछड़ी समाज के शोभाराम प्रजापति और अजीत चौधरी को दायित्व दिया गया है। इस तरह संगठनात्मक जिला रुड़की में बेहतर बिसात बिछी हुई है। वहीं, नगर में डॉ. जयपाल सिंह चौहान, ओमप्रकाश जमदग्नि के अलावा सुनील सैनी के साथ कैबिनेट में जगह देकर मदन कौशिक को दायित्व सौंपा गया है। यह लोग अपनी जातियों में अपनी पैठ बनाकर चुनाव में जीत दिलाएंगे।


Spread the love
  • Related Posts

    नेपाल बाढ़- सुरंग में फंसे लोगों को बचाने का अभियान हुआ तेज, त्रासदी से बचे 21 भारतीय पहुंचे काठमांडू

    Spread the love

    Spread the loveनेपाल में बाढ़ से आई तबाही का मंजर विचलित कर रहा है। भारत के लोग बड़ी संख्या में लापता हैं। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश के लापता लोगों…


    Spread the love

    नेपाल आपदा- 475 लोगों की मौत, 667 लापता और 1500+ बचाए गए,रसुवा हाइड्रोपावर टनल में सेना का अभियान

    Spread the love

    Spread the loveनेपाल में बुधवार को आई प्रलयंकारी भोटे कोशी बाढ़ ने पूरे देश में भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 475 हो चुका…


    Spread the love