उटंगन नदी हादसा: नदी की जानें किस कोख में समा गए 7 लोग, तीसरे दिन भी कोई न मिला, सेना का सर्च जारी

Spread the love

 

टंगन नदी में शनिवार को तीसरे दिन भी तलाशी अभियान जारी रहा, लेकिन खेरागढ़ के गांव कुसियापुर के लापता सातों युवकों में से किसी का पता नहीं चला। सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन दल (एनडीआरएफ) और एसडीआरएफ के साथ स्थानीय लोग भी नदी में उतरकर युवकों की तलाश कर रहे हैं।

नदी की धारा को डूब क्षेत्र के बीच से नाला बनाकर दूसरी ओर मोड़ा गया है। 250 मीटर क्षेत्र में नदी का पानी कम करने के लिए अस्थायी बांध बनाया गया है और नाले के जरिए पानी निकाला जा रहा है। उधर, अपनों के इंतजार में परिवार के लोगों की आंखें पथरा गईं हैं। घटनास्थल पर हजारों लोग डेरा डाले हुए हैं। शाम को गुस्साए ग्रामीणों ने गांव के बाहर बनी शराब की कंपोजिट दुकान (ठेका) में तोड़फोड़ कर दी। शराब की बोतलों को सड़क पर फेंक दिया। आधा घंटे तक बवाल के बाद पुलिस पहुंची, तब मामला शांत हो सका।

 

बता दें, 2 अक्तूबर को गांव कुसियापुर के 13 लोग उटंगन नदी में मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के दाैरान डूब गए थे। एक युवक विष्णु को बचा लिया गया था जबकि दो दिन में पांच युवकों गगन, ओमपाल, मनोज, भगवती और अभिषेक के शव निकाले गए। सात युवक सचिन, ओकेश, हरेश, वीनेश, गजेंद्र, दीपक और करन अब भी लापता हैं।

 

घटना के बाद एसडीआरएफ तलाश में लगी थी। शुक्रवार को पहले एनडीआरएफ और दोपहर में सेना की 50 पैरा ब्रिगेड की यूनिट 411 पैरा फील्ड कंपनी पहुंच गई थी। रात तक तलाशी अभियान चलाने के बाद भी लापता युवकों का पता नहीं चला। शनिवार सुबह 9 बजे से तीसरे दिन फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया। अत्याधुनिक उपकरणों के साथ स्कूबा डाइवर ने तलाश करना शुरू कर दिया।

और पढ़े  हैवानियत: वियतनाम के होटल में पति ने पत्नी के साथ किया ऐसा काम, फिर छोड़कर भागा, पूरे परिवार पर FIR

 

बाद में ग्रामीण भी तलाशी अभियान में शामिल हो गए। पुलिस प्रशासन ने उटंगन के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों की मदद ली। 250 मीटर के क्षेत्र में पानी को रोकने के लिए एक तरफ मिट्टी भरकर प्लास्टिक के कट्टे डाले गए तो दूसरी तरफ नदी के बराबर से बने डूब क्षेत्र में नाला बनाकर पानी को आगे की तरफ निकाला जा रहा है।

 

पानी कम होने पर अभियान में लगी टीमों ने तेज गति से काम किया। हालांकि, रात तक लापता सात युवकों में से किसी का पता नहीं चला। घटनास्थल पर दिनभर कई गांवों के लोग जुटे रहे। डूबे हुए युवकों के परिजन भी बैठे रहे, जिन्हें अधिकारी सांत्वना देते रहे।

 

50-60 महिलाएं ठेके पर पहुंचीं, किया हंगामा
शाम सवा पांच बजे गांव कुसियापुर की 50-60 महिलाएं कंपोजिट शराब की दुकान पर पहुंचीं और हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं का कहना था कि गांव में एक साथ 12 लोग पानी में डूब गए। घर-घर में कोहराम मचा हुआ है। इसके बावजूद शराब की बिक्री की जा रही है। महिलाएं दुकान के अंदर घुस गईं। उस समय एक गाड़ी से शराब की पेटियां आई हुई थीं। महिलाओं ने पेटियों को उठाकर सड़क पर फेंकना शुरू कर दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। मार्ग पर भी वाहन थम गए। तकरीबन आधा घंटे तक महिलाएं हंगामा करती रहीं। इस वजह से ठेकेदार और कर्मचारी भाग खड़े हुए। सूचना पर करीब एक घंटे बाद थाने की फोर्स पहुंची तब कहीं महिलाओं का गुस्सा शांत हो सका। एसीपी खेरागढ़ इमरान अहमद ने बताया कि महिलाओं ने शराब की दुकान में तोड़फोड़ की। इस संबंध में आबकारी निरीक्षक को निर्देशित किया है कि आसपास की शराब की दुकानों को कुछ दिन के लिए बंद रखा जाए।

और पढ़े  राममंदिर चढ़ावा चोरी: राम जन्मभूमि परिसर में फिर पहुंची SIT, बंद कमरे में बैंक कर्मचारियों से पूछताछ जारी

Spread the love
  • Related Posts

    राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक शुरू: चंपत राय पहुंचे, संत हुए भावुक, बोले- रामजी दोषियों को दंड देंगे

    Spread the love

    Spread the love राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय होने के संकेत मिले हैं। बैठक में महासचिव और एक अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी के इस्तीफों पर चर्चा और फैसला हो…


    Spread the love

    ब्रेकिंग- अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से पहले मीडिया से बात करते हुए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी 

    Spread the love

    Spread the love     रामनगरी अयोध्या मे राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से पहले मीडिया से बात करते हुए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा, “मैं बैठक…


    Spread the love