Update: अंडमान में मानसून की समय से पहले एंट्री, वहीं दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत में भीषण लू का कहर

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भारत में इस समय मौसम के दो बिल्कुल अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां अंडमान सागर और निकोबार द्वीप समूह में मानसून ने अपने तय समय से पहले ही दस्तक दे दी है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली-एनसीआर समेत पूरा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत भीषण लू की चपेट में है। इस मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। एक हिस्से में लोग बारिश का स्वागत कर रहे हैं, तो दूसरे हिस्से में लोग आसमान से बरस रही आग से बचने के तरीके ढूंढ रहे हैं।

 

इसका सीधा मतलब यह है कि देश के दक्षिणी समुद्री किनारों पर बारिश का मौसम शुरू हो गया है, जबकि उत्तरी भारत गर्मी से उबल रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि यह चिलचिलाती गर्मी और लू पूरे हफ्ते लोगों को ऐसे ही परेशान करेगी। वहीं दूसरी ओर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में भी मानसून पहुंच चुका है। इसी बदलाव की वजह से केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में मानसून से पहले वाली अच्छी बारिश शुरू हो गई है।

 

मानसून कब पहुंचेगा केरल और कहां हो रही है बारिश?
मौसम विभाग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, मानसून अपने सामान्य समय से लगभग पांच दिन आगे चल रहा है। अगले दो-तीन दिनों में इसके अंडमान द्वीप समूह और अरब सागर के बाकी हिस्सों में अच्छी तरह फैलने की पूरी उम्मीद है। आमतौर पर मानसून एक जून को केरल आता है, लेकिन इस बार इसके छब्बीस मई को ही केरल के तट पर पहुंचने की संभावना है। अभी से ही केरल के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पटनामथिट्टा और अलाप्पुझा जैसी जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी पिछले चौबीस घंटों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है।

दिल्ली-यूपी और हरियाणा में गर्मी का क्या है हाल?
उत्तर भारत के कई राज्यों में सूरज लगातार आग उगल रहा है। उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही बना हुआ है। गर्मी का सबसे भयंकर रूप यूपी के बांदा में दिखा, जहां पारा छियालीस दशमलव चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। झांसी, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में भी भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। दिल्ली में भी तापमान सामान्य से ज्यादा रहा। हरियाणा और पंजाब के शहरों जैसे सिरसा, रोहतक, हिसार और बठिंडा में भी तापमान बयालीस से चवालीस डिग्री के बीच है। सुबह दस बजे के बाद लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जा रहा है।

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पहाड़ों पर कैसा है मौसम और कब मिलेगी राहत?
मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ों पर भी भयंकर गर्मी पड़ रही है। हिमाचल प्रदेश के ऊना में भी तापमान सैंतीस दशमलव चार डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो पहाड़ों के हिसाब से बहुत ज्यादा है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि उन्नीस मई से मौसम में थोड़ा बदलाव आ सकता है। पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जैसे इलाकों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। बाईस और तेईस मई को कुछ स्थानों पर बारिश होने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।

राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में भी भयंकर गर्मी पड़ रही है और वहां पारा बयालीस से चवालीस डिग्री सेल्सियस के बीच टिका हुआ है। चंडीगढ़ में भी तापमान चालीस डिग्री के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि अगले चौबीस घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में और ज्यादा भीषण लू चलेगी। दिन के समय गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को अपने घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है।

इस जानलेवा गर्मी और लू को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को बहुत सावधान रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि दोपहर बारह बजे से लेकर तीन बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। अगर प्यास न भी लगी हो, तो भी शरीर में पानी की कमी न होने दें और बार-बार पानी पीते रहें। ओआरएस, नींबू पानी, छाछ या लस्सी पीना सेहत के लिए बहुत अच्छा रहेगा। बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े ही पहनें। अपने सिर को टोपी, कपड़े या छतरी से जरूर ढकें। इसके साथ ही बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखें।

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