UP- BJP प्रदेश अध्यक्ष के लिए पंकज चौधरी का दावा मजबूत …यहां समझिए, सात बार के सांसद का राजनीतिक सफर

उत्तरप्रदेश भाजपा के 17वें अध्यक्ष के लिए नामांकन आज होगा। लेकिन, इससे पहले केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के अगले प्रदेश अध्यक्ष बनने के कयास तेज हो गए। बृहस्पतिवार को गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर चली तीन घंटे की मैराथन बैठक में चौधरी के नाम पर सहमति बनने की खबर के बाद वह रेस में सबसे आगे हैं।

इस लिहाज से अगर जरूरी हुआ तो रविवार को मतदान होगा अन्यथा दोपहर एक बजे नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा कर दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि यूपी के नए अध्यक्ष के लिए कई नामों पर चर्चा हुई। यह जिम्मेदारी किसी ओबीसी चेहरे को देने की सहमति बनी।

 

अंत में इस पद के लिए योगी सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह और पंकज चौधरी के नाम पर देर तक मंथन हुआ। अंत में पंकज के नाम पर सहमति बन गई।

पंकज का दावा मजबूत क्यों?
पंकज कुर्मी बिरादरी से हैं, जो ओबीसी में यादव के बाद सबसे बड़ी आबादी वाली है। लोकसभा चुनाव में भाजपा को पूर्वांचल में कुर्मी वोटों के छिटकने से बड़ा नुकसान हुआ था। केंद्रीय नेतृत्व सपा की बढ़त की काट के लिए अपना पुराना कुर्मी, ठाकुर, ब्राह्मण समीकरण को मजबूत बनाए रखना चाहता है।

सात बार के सांसद चौधरी की पूर्वांचल के कुर्मियों में अच्छी पैठ है। दूसरी ओर धर्मपाल सिंह लोध बिरादरी से हैं। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में भी यह बिरादरी कमोबेश भाजपा के साथ खड़ी रही थी।

पार्षद के तौर पर शुरू किया राजनीति का सफर
15 नवंबर 1964 को जन्मे गोरखपुर के उद्योगपति स्वर्गीय भगवती चौधरी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उज्ज्वल चौधरी के छोटे बेटे पंकज चौधरी ने गोरखपुर नगर निगम के पार्षद के तौर पर 1989 में राजनीति का सफर शुरू किया। वर्ष 1990 में ही भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्य समिति सदस्य हुए।
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10वीं लोकसभा में वर्ष 1991 में महराजगंज संसदीय सीट से भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गए। 11वीं और 12वीं लोकसभा में वर्ष 1996, 1998 में सांसद चुने गए। 1999 में सपा के अखिलेश से हार मिली पर 2004 में फिर निर्वाचित हुए। 2009 में कांग्रेस के स्वर्गीय हर्षवर्धन से हार मिली। 2014 से लगातार लोकसभा के सदस्य हैं।

खरमास बाद मंत्रिमंडल विस्तार
नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन के बाद जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को साधने के लिए योगी मंत्रिमंडल में विस्तार पर भी मंथन हुआ। तय किया गया कि 15 जनवरी को खरमास खत्म होने के तत्काल बाद विस्तार को अंजाम दिया जाएगा।

राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने नेताओं संग बैठक कर बनाई रणनीति
लखनऊ में शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष शुक्रवार दोपहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात करने के बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय में चुनाव संबंधी बैठक में शामिल हुए। सूत्रों की माने तो केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, राज्यसभा सांसद बाबू राम निषाद, रेखा वर्मा, साध्वी ज्योति निरंजन के नामों की भी चर्चा रही।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए 464 मतदाताओं की सूची जारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बहुप्रतीक्षित चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदाता सूची जारी कर दी गई। इसमें कुल 464 मतदाता शामिल हैं। इनमें 5 सांसद, 26 एमएलए, आठ एमएलसी व 425 प्रांतीय परिषद के सदस्य व जिला अध्यक्ष हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री व केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े की देखरेख में शनिवार को नामांकन पत्र भरे जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा रविवार को होगी।
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प्रदेश संगठन के चुनाव अधिकारी व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया। उन्होंने बताया कि शनिवार 13 दिसंबर को नामांकन पत्र दोपहर दो से तीन बजे तक दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद दोपहर तीन से शाम चार बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी। शाम चार से पांच बजे तक नामांकन पत्र वापस लेने की प्रक्रिया निर्धारित है।

यह पूरा कार्यक्रम भाजपा प्रदेश मुख्यालय में होगा। केंद्रीय चुनाव अधिकारी व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 14 दिसंबर को प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा करेंगे। रविवार को चुनाव डा. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित डा. आंबेडकर सभागार में होगा।
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