भाजपा और उसके सहयोगी दल सरकार के कामकाज गिनाते हुए जातिगत समीकरण साध रहे हैं। विपक्ष भी हर सीट पर सियासी गणित बैठाने में व्यस्त है। कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन तय माना जा रहा है। दोनों पार्टियों ने समाजवादी और आंबेडकर विचारधारा को धार देने वाले युवाओं को चिह्नित किया है।
इससे परंपरागत वोटबैंक की लामबंदी बढ़ेगी और बसपा से खिन्न युवा भी जुड़ेंगे। समाजवादी पार्टी ने ऊंचाहार में मनोज पासवान, बाबागंज में शिवशंकर सरोज और कौशांबी-फतेहपुर में राम करन निर्मल को जिम्मेदारी दी है।
पूर्व विधान परिषद सभापति गणेश शंकर पांडेय समेत सरकार में उच्च पद पाने वाले कई अन्य ब्राह्मण नेता भी समय के साथ दूसरे दलों में चले गए। अंबेडकरनगर से बसपा सांसद व विधायक रहे राकेश पांडेय और उनके बेटे व बसपा सांसद रहे रितेश पांडेय भी पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं।






