ट्रंप की नीति को कोर्ट से झटका, 18 साल के होते ही प्रवासी बच्चों को वयस्क हिरासत केंद्र भेजने पर रोक

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मेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन की एक नई नीति को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इस नीति के तहत 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद अकेले आए और बिना अनुमति वाले प्रवासी बच्चों को वयस्क हिरासत केंद्रों में रखा जाना था। यूएस डिस्ट्रिक्ट जज रुदोल्फ कॉन्ट्रेरेस ने अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स इनफोर्समेंट को आदेश दिया कि वे किसी भी ऐसे बच्चे को वयस्क हिरासत में न रखें।

जज ने कहा कि यह स्वत: हिरासत 2021 में दिए गए उनके कोर्ट आदेश का उल्लंघन करती है, जिसमें इस तरह की प्रथाओं पर रोक लगाई गई थी। न्यायाधीश का यह निर्णय वकालत समूहों की मांग के बाद आया है, जिन्होंने कहा था कि कई बच्चों को इस सप्ताहांत में वयस्क केंद्रों में ट्रांसफर किया जाना था। इस आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रवासी बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा की जा सके।
अपने देश लौटने के लिए 2500 डॉलर देने की पेशकश
बता दें कि अधिकारियों ने 14 साल और उससे बड़े प्रवासी बच्चों को अपने देश लौटने के लिए 2,500 डॉलर देने की पेशकश की है। पिछले महीने एक अन्य संघीय न्यायाधीश ने उन ग्वाटेमाला के बच्चों को तुरंत डिपोर्ट करने के प्रयास को रोका था, जो अकेले अमेरिका आए थे। कुछ बच्चों को उस देर रात की कार्रवाई में प्लेन में बैठाया गया था, लेकिन न्यायाधीश ने इसे रोक दिया।

अमेरिकन इमिग्रेशन काउंसिल की वकील मिशेल लापॉइंट ने कहा कि यह नीति प्रवासी युवाओं को अमेरिका में सुरक्षा मांगने के अपने अधिकार से समझौता करने के लिए मजबूर करने का हिस्सा है।

न्यायाधीश कॉन्ट्रेरेस का 2021 का आदेश था कि 18 साल के होने पर बच्चों को सबसे कम प्रतिबंधित स्थान में छोड़ा जाए। यह संघीय कानून के अनुसार जरूरी है, जब तक कि बच्चा खुद या दूसरों के लिए खतरा न हो और भागने का जोखिम न हो। अक्सर बच्चों को रिश्तेदारों या फॉस्टर केयर में सौंप दिया जाता है।

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आईसीई के एक ईमेल में कहा गया कि नए वयस्कों को केवल आईसीई की व्यक्तिगत मामले की पैरोल अनुमति के तहत तत्काल मानवीय कारणों या महत्वपूर्ण सार्वजनिक लाभ के लिए ही छोड़ा जा सकता है। मार्च से सितंबर तक आईसीई ने कुल 500 से कम लोगों को पैरोल पर छोड़ा।

वादियों ने तर्क दिया कि पैरोल पर रिहाई लगभग नाममात्र की है और शेल्टर से बाहर हो रहे बच्चों को जमानत और आवश्यकता से अधिक वयस्क हिरासत में रखने से स्थायी नुकसान हो सकता है। यह खासकर तब सच है जब कुछ बच्चों के माता-पिता ने उनका उत्पीड़न किया हो, उन्हें छोड़ दिया हो या मानव तस्करी के शिकार रहे हों।

बिना माता-पिता के बॉर्डर पार करने वाले बच्चों को 4 लाख से अधिक बार गिरफ्तार
अमेरिकी सीमा अधिकारियों ने अक्टूबर 2021 से अब तक बिना माता-पिता के बॉर्डर पार करने वाले बच्चों को 4 लाख से अधिक बार गिरफ्तार किया है। 2008 के कानून के अनुसार, उन्हें अपने देश लौटाए जाने से पहले इमिग्रेशन जज के सामने पेश होना आवश्यक है।

ट्रंप प्रशासन के दौरान, बच्चों को उनके परिवार के पास छोड़ने से पहले सरकार के शेल्टर में ज्यादा समय बिताना पड़ा। अतिरिक्त जांच में फिंगरप्रिंटिंग, डीएनए टेस्ट और इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा घर पर विजिट शामिल हैं। इस गर्मी में इमिग्रेशन अधिकारी माता-पिता की गिरफ्तारी के लिए भी पहुंचे। जुलाई में अमेरिका में छोड़े गए बच्चों के लिए सरकारी शेल्टर में औसत समय 171 दिन था, जो अप्रैल के 217 दिन के उच्चतम स्तर से कम था, लेकिन जनवरी में 37 दिन की तुलना में अब भी बहुत अधिक था।

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