मौसम विभाग के अनुसार, मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल में दक्षिणी कैस्पियन सागर के आसपास चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पड़ रहा है। इसके प्रभाव की वजह से सात अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बारिश का एक और दौर शुरू होने वाला है। यह उत्तरोत्तर पूर्वी दिशा में बढ़ते हुए 9 अप्रैल तक जारी रहने की संभावना है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, इसके चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में आगामी 48 घंटों के दौरान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी के बाद 8 अप्रैल को 6 से 8 डिग्री तक की गिरावट के आसार हैं। इसके बाद के दिनों में तापमान में लगभग इतनी की बढ़ोतरी की संभावना है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभाग में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात व 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवा और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के भी आसार हैं। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में संभाग में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई जा रही है। सोमवार को मथुरा में हल्की बारिश हुई। साउथ-ईस्ट में भी कुछ जगह हल्की बूंदाबांदी हुई।