अंतिम विदाई में भी सुकून नहीं: चिता जलाने के बाद आई बारिश, गांववाले त्रिपाल लगाकर खड़े रहे ताकि बुझ न जाए आग

मैहर जिले के भड़रा गांव से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है। यहां एक वृद्ध महिला के अंतिम संस्कार के दौरान अचानक हुई तेज बारिश ने पूरे कार्यक्रम को प्रभावित कर दिया। गांव में मुक्तिधाम और टीन शेड जैसी आवश्यक सुविधाएं नहीं होने के कारण ग्रामीणों को त्रिपाल लगाकर किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। इस दौरान का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार भड़रा गांव निवासी विश्वकर्मा समाज की 83 वर्षीय सरोज पत्नी स्वर्गीय शुभकरण विश्वकर्मा, का तीन दिन पहले निधन हो गया था। परिवार और ग्रामीण परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार कर रहे थे। इसी बीच मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। अंतिम संस्कार स्थल पर किसी प्रकार का स्थायी शेड नहीं होने के कारण वहां मौजूद लोगों को तत्काल त्रिपाल लगाकर बारिश से बचाव करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सकी।

खुले पहाड़ी क्षेत्र में होता है अंतिम संस्कार
ग्रामीणों का कहना है कि भड़रा गांव में आज तक मुक्तिधाम का निर्माण नहीं किया गया है। मजबूरी में गांव के लोगों को खुले पहाड़ी क्षेत्र में अंतिम संस्कार करना पड़ता है। गर्मी, बारिश और अन्य प्रतिकूल मौसम के दौरान अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
ग्रामीण बोले— अब तक नहीं बनी कोई स्थायी व्यवस्था
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने मुक्तिधाम निर्माण की मांग रखी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया के लिए भी यदि लोगों को त्रिपाल का सहारा लेना पड़े, तो यह ग्रामीण क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी को दर्शाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मुक्तिधाम, टीन शेड, चबूतरा, पानी और बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।

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वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान
घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत से चर्चा कर उपयुक्त स्थान का चयन किया जाएगा और वहां दाह संस्कार के लिए मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों को भविष्य में ऐसी परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

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