रामनगरी में मंदिर, मकान और दुकान की पहचान दूर से ही रंग को देखकर होगी।

अयोध्या-

अब रामनगरी में मंदिर, मकान और दुकान की पहचान दूर से ही रंग को देखकर हो जाएगी। कॉमन बिल्डिंग कोड के तहत एडीए इसी को लेकर इन दिनों तैयारी कर रहा है। अलग-अलग श्रेणी के भवनों के लिए अलग-अलग रंग तय किए जाने को लेकर मंथन हो रहा है।

अयोध्या विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान-2031 को शासन ने पांच शर्तों के साथ मंजूरी दी है। इसमें एक महत्वपूर्ण शर्त कॉमन बिल्डिंग कोड (सामान्य भवन संहिता) को लागू किए जाने की है। इन दिनों अयोध्या विकास प्राधिकरण तकनीकी रूप से इसी मुद्दे पर काम कर रहा है। पूरी तकनीकी टीम इसको लेकर लगाई गई है। सामान्य भवन संहिता के तहत एडीए क्षेत्र की इमारतों का रंग तय किया जा रहा है।

एडीए के टाउन प्लानर गोर्की ने बताया कि आने वाले दिनों में अयोध्या के भवनों की फसाड (मुखड़ा) का रंग एक किए जाने का प्रयास है। खास बात यह भी है। कि सभी भवन का मुखड़ा एक रंग में नहीं
बल्कि श्रेणीवार भवनों का मुखड़ा एक रंग में होगा। कॉमर्शियल भवन का रंग अलग, आवासीय भवनों और विद्यालयों के रंग भी अलग-अलग होंगे। इसी तरह अन्य श्रेणी के भवनों के लिए भी रंग का निर्धारण किया जा रहा है। रंग ऐसा होगा कि अयोध्या की गरिमा के अनुसार आकर्षक भी लगे।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के क्षेत्र और फैजाबाद- अयोध्या की प्रमुख सड़कों के किनारे की इमारतों पर ज्यादा फोकस है। मास्टर प्लान में विभिन्न भू-उपयोग के लिए चिह्नित क्षेत्र और उनके भवनों के रंग को लेकर भी ध्यान रखा जाएगा। जल्दी ही इसको अंतिम रूप देकर कार्यवाही पूरी की जाएगी।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान-2031 को शासन ने पांच शर्तों के साथ मंजूरी दी है। इसमें एक महत्वपूर्ण शर्त कॉमन बिल्डिंग कोड (सामान्य भवन संहिता) को लागू किए जाने की है। इन दिनों अयोध्या विकास प्राधिकरण तकनीकी रूप से इसी मुद्दे पर काम कर रहा है। पूरी तकनीकी टीम इसको लेकर लगाई गई है। सामान्य भवन संहिता के तहत एडीए क्षेत्र की इमारतों का रंग तय किया जा रहा है।

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एडीए के टाउन प्लानर गोर्की ने बताया कि आने वाले दिनों में अयोध्या के भवनों की फसाड (मुखड़ा) का रंग एक किए जाने का प्रयास है। खास बात यह भी है। कि सभी भवन का मुखड़ा एक रंग में नहीं
बल्कि श्रेणीवार भवनों का मुखड़ा एक रंग में होगा। कॉमर्शियल भवन का रंग अलग, आवासीय भवनों और विद्यालयों के रंग भी अलग-अलग होंगे। इसी तरह अन्य श्रेणी के भवनों के लिए भी रंग का निर्धारण किया जा रहा है। रंग ऐसा होगा कि अयोध्या की गरिमा के अनुसार आकर्षक भी लगे।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के क्षेत्र और फैजाबाद- अयोध्या की प्रमुख सड़कों के किनारे की इमारतों पर ज्यादा फोकस है। मास्टर प्लान में विभिन्न भू-उपयोग के लिए चिह्नित क्षेत्र और उनके भवनों के रंग को लेकर भी ध्यान रखा जाएगा। जल्दी ही इसको अंतिम रूप देकर कार्यवाही पूरी की जाएगी।

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