पूरा बाजार विकासखंड क्षेत्र के सरायरासी–सनेथू मुख्य संपर्क मार्ग को रेलवे विभाग द्वारा बंद किए जाने का मामला अब मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच गया है। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में चर्चा और विरोध का विषय बने इस मार्ग को लेकर ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। आवागमन बाधित होने से हजारों ग्रामीणों, छात्रों, व्यापारियों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों द्वारा लगातार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाए जाने के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर रूप ले लिया है। इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जानकारी दी तथा ग्रामीणों की समस्याओं को विस्तार से रखते हुए ज्ञापन सौंपा। बताया गया कि रेलवे विभाग द्वारा बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए मार्ग बंद कर दिए जाने से करीब 30 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। स्कूली बच्चों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि किसानों और व्यापारियों के सामने भी आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। कई गांवों के लोगों को अब 8 से 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया और आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देने की बात कही। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद क्षेत्रीय लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा। इस दौरान आलोक सिंह रोहित ने कहा कि जनता की सुविधा सर्वोपरि है और ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो आगे भी जनहित में संघर्ष जारी रहेगा। वहीं क्षेत्रीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि जल्द ही मार्ग दोबारा शुरू कराया जाएगा अथवा वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे लोगों को राहत मिल सके।









